ग्रेटर नोएडा: शारदा स्कूल ऑफ मीडिया, फिल्म एंड एंटरटेनमेंट (SSMFE), शारदा विश्वविद्यालय ने 17–18 अगस्त 2026 को “मीडियापरिप्रेक्ष्य में जीएसटी सुधार: विकसित भारत के लिए नागरिक सशक्तिकरण एवं जन-जागरूकता का संवर्धन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलनका सफलतापूर्वक आयोजन किया। सम्मेलन को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजितकिया गया।
सम्मेलन का आयोजन पी. के. गुप्ता, कुलाधिपति, शारदा विश्वविद्यालय; वाई. के. गुप्ता, प्रो-कुलाधिपति, शारदाविश्वविद्यालय; तथा प्रो. (डॉ.) सिबराम खारा, कुलपति, शारदा विश्वविद्यालय के विशिष्ट संरक्षण में किया गया। प्रो. (डॉ.) रितु एस. सूद, डीन, SSMFE ने सम्मेलन अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। डॉ. आकिब अनवर बट, सहायक प्रोफेसर, SSMFE सम्मेलन के संयोजक रहे, जबकि डॉ. मुक्तामार्टोलिया, विभागाध्यक्ष, SSMFE तथा डॉ. सोनाली श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर, SSMFE ने सह-संयोजक के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
सम्मेलन में डॉ. यशोवर्धन पाठक, आयुक्त, जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, भारत सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ विभिन्न प्रतिष्ठितशैक्षणिक संस्थानों से प्रो. (डॉ.) दुर्गेश त्रिपाठी, डीन, USMC, GGSIPU; प्रो. दुष्यंत कुमार राय, जम्मू विश्वविद्यालय; प्रो. (डॉ.) सचिन भारती, GGSIPU; प्रो. रमेश कुमार शर्मा, VIPS; डॉ. राजेश शुक्ला, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, IFTM विश्वविद्यालय, मुरादाबाद; डॉ. निवेदिता शर्मा, विभागाध्यक्ष, जनसंचार, IITM, नई दिल्ली; तथा श्री सनीउद्दीन खान, जामिया मिल्लिया इस्लामिया सहित अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने भाग लिया।
मीडिया जगत से शालिनी कपूर तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार, NDTV एवं पॉडकास्टर; आयुषी मोदी, बिजनेस प्रोड्यूसर, जागरण न्यूज़ मीडिया; अनुज मिश्रा, वरिष्ठ मीडिया प्रोफेशनल, Times Now; तथा आनंद तिवारी, News18 ने सहभागिता की और समकालीन मीडिया व्यवहार से जुड़ेअपने अनुभवों एवं दृष्टिकोणों से विचार-विमर्श को समृद्ध किया।
दो दिवसीय सम्मेलन में जीएसटी सुधार, मीडिया संचार और विकसित भारत; जीएसटी संचार, शासन और नागरिक जागरूकता; संस्कृति, समावेशनएवं विकास संचार; तथा मीडिया साक्षरता, उभरती प्रौद्योगिकियां और रचनात्मक अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर केंद्रित तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
सम्मेलन में हुई चर्चाओं में जिम्मेदार पत्रकारिता, प्रभावी जनसंचार, मीडिया साक्षरता और उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका को रेखांकित किया गया,विशेष रूप से आर्थिक सुधारों को सरल भाषा में नागरिकों तक पहुंचाने, भ्रामक सूचनाओं का मुकाबला करने और जागरूक नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देनेके संदर्भ में। सम्मेलन ने सरकार, अकादमिक जगत और मीडिया के बीच अधिक सशक्त सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि जननीति संचार कोअधिक सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके।
देश के विभिन्न हिस्सों और संस्थानों से व्यापक राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के साथ आयोजित इस सम्मेलन ने मीडिया, जीएसटी सुधार, शासन, जन-जागरूकताऔर उभरती प्रौद्योगिकियों पर विविध शैक्षणिक दृष्टिकोणों को एक मंच पर लाकर विकसित भारत 2047 के विज़न से जुड़े राष्ट्रीय संवाद को और मजबूतकिया।







