नई दिल्ली: मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (“मारुति सुजुकी”) ने आज घोषणा की कि अगस्त 2025 में वैश्विक स्तर पर निर्यात शुरू होने के बाद से भारत में निर्मित उसकी इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का कुल निर्यात 50,000 यूनिट के आंकड़े को पार कर गया है।
यूरोप इन वाहनों को प्राप्त करने वाला पहला बाजार था और अब भी निर्यात का सबसे बड़ा गंतव्य बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी भारत की नंबर-1 EV निर्यातक कंपनी रही और अप्रैल-सितंबर वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान भी उसने अपना नेतृत्व बरकरार रखा।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं CEO हिसाशी ताकेउची ने कहा, “मारुति सुजुकी की EV निर्यात यात्रा अगस्त 2025 में शुरू हुई, जब भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हंसलपुर स्थित संयंत्र में e VITARA का उत्पादन शुरू होने के अवसर को चिह्नित किया। इस वाहन को 100 से अधिक देशों में बिक्री के लिए तैयार किया गया है। इसी कार्यक्रम में उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ पहल के ब्रांड एंबेसडर के रूप में मारुति सुजुकी की सराहना की। आज मारुति सुजुकी इन देशों में से लगभग 50 देशों को EV का निर्यात करती है, जिनमें यूरोप सबसे बड़ा गंतव्य है। अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान भारत से इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों के कुल निर्यात में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी लगभग 93% रही। यह उपलब्धि भारत की उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाती है।”
‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का सशक्त उदाहरण पेश करते हुए कंपनी पिछले लगातार पांच वर्षों से भारत की नंबर-1 यात्री वाहन निर्यातक बनी हुई है। अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान भारत से यात्री वाहनों के कुल निर्यात में कंपनी की हिस्सेदारी 50% से अधिक रही। वर्तमान में मारुति सुजुकी लगभग 120 देशों को 16 मॉडल का निर्यात करती है।
मारुति सुजुकी की EV निर्यात सफलता का प्रमुख केंद्र गुजरात स्थित हंसलपुर संयंत्र है, जो सुजुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) का एकमात्र विनिर्माण केंद्र है। हाल ही में इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10 लाख वाहन कर दी गई है। इसके साथ ही यह एक ही स्थान पर इस क्षमता तक पहुंचने वाला दुनिया का पहला सुजुकी विनिर्माण संयंत्र बन गया है। 2,52,887 मिलियन रुपये (25,288.7 करोड़ रुपये) के कुल निवेश के साथ हंसलपुर वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी के कुल विदेशी शिपमेंट में लगभग आधे का योगदान देने वाला एक प्रमुख निर्यात केंद्र भी है।







