नई दिल्ली: बजेल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (बजेल) ने आज घोषणा की कि लाकाडिया ए पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड ने गुजरात में एक प्रमुख ट्रांसमिशन परियोजना के ईपीसी (EPC) कार्य के लिए बजेल को कई लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) जारी किए हैं। इन एलओए का कुल मूल्य लगभग ₹1,500 करोड़* है।
लाकाडिया ए पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) है, जिसे पीएफसी कंसल्टिंग लिमिटेड ने लाकाडिया (चरण-II: 7.5 गीगावाट), जाम खंभालिया (चरण-II: 5.5 गीगावाट) और जामनगर (चरण-I: 1 गीगावाट) से बिजली निकासी के लिए कॉमन ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास हेतु अनंतग्रिड प्रोजेक्ट्स वन प्राइवेट लिमिटेड (AGPOPL) को हस्तांतरित किया था। यह परियोजना पार्ट-ए के अंतर्गत आती है।
AGPOPL का संयुक्त स्वामित्व बजेल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (26%) और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) (74%) के पास है। इस कंपनी ने अगस्त 2026 में उक्त परियोजना के लिए टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) प्रक्रिया में सफलतापूर्वक जीत हासिल की थी। यह ऑर्डर बजेल प्रोजेक्ट्स के इतिहास का सबसे बड़ा ट्रांसमिशन ऑर्डर है और भारत के विस्तारित हो रहे पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने में कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका को और सुदृढ़ करता है। कंपनी की परियोजना वर्गीकरण नीति के अनुसार (जीएसटी सहित), यह ऑर्डर अल्ट्रा-मेगा श्रेणी में आता है।
इस परियोजना में शामिल हैं:
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गुजरात में हलवद से वडोदरा तक लगभग 270 किलोमीटर लंबी 765 केवी की डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन।
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हलवद, वडोदरा और साउथ ओल्पाड सबस्टेशनों में अतिरिक्त कार्य। यह परियोजना लाकाडिया, जाम खंभालिया और जामनगर क्षेत्रों से 14 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी के लिए विकसित की जा रही व्यापक प्रणाली का हिस्सा है।
यह ट्रांसमिशन परियोजना भारत के नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से गुजरात के लाकाडिया, जाम खंभालिया और जामनगर के उच्च क्षमता वाले नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों से लगभग 14 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की निकासी संभव होगी। यह परियोजना 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने के भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और राष्ट्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी मजबूत करेगी।
बजेल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ राजेश गणेश ने कहा, “लगभग ₹1,500 करोड़ की इस ऐतिहासिक परियोजना को हासिल करना, जो बजेल प्रोजेक्ट्स के इतिहास का सबसे बड़ा ट्रांसमिशन ऑर्डर है, हमारे लिए गर्व का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह हमारी परियोजना निष्पादन क्षमता, तकनीकी विशेषज्ञता और हितधारकों के हम पर जताए गए विश्वास को दर्शाता है। यह परियोजना बजेल, एनआईआईएफ और अनंतग्रिड के बीच सफल सहयोग का परिणाम है और बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण के लिए भारत के ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह परियोजना हमें ईपीसी भागीदार और परियोजना विकासकर्ता, दोनों की भूमिका निभाने का अवसर देकर हमारी स्थिति को विशिष्ट बनाती है। देश के महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने के साथ, हम विश्वस्तरीय ट्रांसमिशन नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो विश्वसनीय, टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हों तथा हमारे ग्राहकों और राष्ट्र के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करें।”








