नई दिल्ली: भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (आईआरईडीए) ने आज नई दिल्ली में अपनी 23वीं हितधारक संवाद बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने की। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला से जुड़े 110 उधारकर्ताओं और व्यावसायिक साझेदारों ने सक्रिय भागीदारी की।
बैठक को संबोधित करते हुए सीएमडी प्रदीप कुमार दास ने कहा कि परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार, जिसने एनपीए को कम करने में मदद की है, केवल वृद्धि के आंकड़ों से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैटरी भंडारण, हरित हाइड्रोजन और उसके व्युत्पन्नों जैसे उभरते क्षेत्रों का विस्तार करने के लिए ऋणदाताओं और डेवलपर्स के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स को प्रतिस्पर्धी दरों पर ऋण उपलब्ध कराने और ऋण स्वीकृति प्रक्रिया के समय को कम करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

लघु जलविद्युत परियोजनाओं के कई डेवलपर्स ने उच्च बीमा प्रीमियम और पिछले एक वर्ष के दौरान हिमाचल प्रदेश तथा अन्य राज्यों में प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न चुनौतियों से संबंधित मुद्दे उठाए। क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता दोहराते हुए, आईआरईडीए के नेतृत्व ने कहा कि आईआरईडीए समय-समय पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) तथा अन्य सरकारी संस्थानों को सुझाव देता रहेगा।

बैठक में हितधारकों से प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं की भी समीक्षा की गई तथा उधारकर्ताओं द्वारा उच्च कॉरपोरेट गवर्नेंस मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। संवाद बैठक का समापन सीएमडी और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हितधारकों के प्रश्नों का उत्तर देने के साथ हुआ।







