नई दिल्ली: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने आज घोषणा की कि उसने एक्सिस एनर्जी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत वर्ष 2032 तक 20 गीगावॉट-घंटे (GWh) तक की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (Battery Energy Storage Systems-BESS) की संभावित तैनाती की रूपरेखा तैयार की गई है।
यह एमओयू ओला महाशक्ति के लिए पहला बड़े पैमाने का साझेदारी समझौता है। ओला का आगामी ऊर्जा भंडारण प्लेटफॉर्म ‘महाशक्ति’ वाणिज्यिक, औद्योगिक और यूटिलिटी-स्केल अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया है, जिसे 15 अगस्त को लॉन्च किया जाना है। यह साझेदारी महाशक्ति द्वारा पूरी की जा सकने वाली मांग के पैमाने का प्रारंभिक प्रदर्शन है। साथ ही, यह ओला के लिए यूटिलिटी-स्केल बीईएसएस को एक महत्वपूर्ण नए विकास अवसर के रूप में स्थापित करती है।
एक्सिस एनर्जी भारत में स्टोरेज-समर्थित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की सबसे बड़ी पाइपलाइनों में से एक विकसित कर रही है। कंपनी ने आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 3,750 मेगावाट से अधिक परियोजनाओं के लिए ग्रिड स्वीकृतियां प्राप्त की हैं तथा लगभग 3,500 मेगावाट की मजबूत परियोजना पाइपलाइन भी है। फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE), हाइब्रिड और अन्य गैर-सौर कॉन्फ़िगरेशन वाली इन परियोजनाओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण, ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने और चौबीसों घंटे स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने हेतु बड़े पैमाने पर बीईएसएस की आवश्यकता होगी।
भारत के ऊर्जा परिवर्तन के लिए अभूतपूर्व स्तर पर ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता होगी। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) का अनुमान है कि वर्ष 2032 तक भारत को 400 GWh से अधिक ऊर्जा भंडारण क्षमता की आवश्यकता होगी। महाशक्ति इस अवसर को ध्यान में रखते हुए भारत में डिज़ाइन और निर्मित अपनी तरह का पहला बीईएसएस प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा, जो नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, औद्योगिक बिजली, ग्रिड अवसंरचना और डेटा सेंटर अनुप्रयोगों को कवर करेगा।
ओला का समाधान सेल प्रौद्योगिकी से लेकर विनिर्माण और सिस्टम इंजीनियरिंग तक वर्टिकल इंटीग्रेशन पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को सुरक्षा और प्रदर्शन पर अधिक नियंत्रण, आपूर्ति श्रृंखला की बेहतर सुरक्षा तथा पूरे परिचालन काल में स्वामित्व की कुल लागत को कम करना है।
एक्सिस एनर्जी वेंचर्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि कुमार रेड्डी कटारू ने कहा, “जैसे-जैसे हमारा नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो विस्तार कर रहा है, विश्वसनीय और चौबीसों घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण अत्यंत आवश्यक है। यह एमओयू स्वदेशी बैटरी भंडारण समाधानों के मूल्यांकन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हमारी नवीकरणीय ऊर्जा वृद्धि के अगले चरण का समर्थन करेंगे।”
ओला इलेक्ट्रिक के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक भाविश अग्रवाल ने कहा, “भारत को बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता होगी और हमारा वर्टिकली इंटीग्रेटेड सेल-टू-सिस्टम प्लेटफॉर्म सुरक्षा, प्रदर्शन और स्वामित्व की कुल लागत के मामले में बेहतर समाधान प्रदान करने में सक्षम है। एक्सिस एनर्जी हमारा पहला बड़े पैमाने का साझेदार है और महाशक्ति की क्षमता का महत्वपूर्ण प्रारंभिक प्रमाण भी है। उद्योग में संभावित साझेदारों से हमें मजबूत रुचि मिल रही है और यह एमओयू दीर्घकालिक साझेदारियां बनाने की दिशा में हमारी गति को और मजबूत करता है।”







