Bharat Neeti

भारत नीति

Be Ahead With Economy And Policy Updates

ताजा खबर
हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में 32 मिलियन टन अयस्क जोड़ा; अन्वेषण सफलता दर 88% के पार बीएचईएल ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के व्यापक रखरखाव हेतु टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) के साथ संयुक्त उद्यम समझौता किया Coforge ने हाई-टेक क्षेत्र में AI फीचर्स से एंटरप्राइज परिणामों की ओर बदलाव को तेज किया ACME Solar ने राजस्थान में 66.68 मेगावाट सौर क्षमता और 300 मेगावाट घंटा BESS क्षमता शुरू की Bharat Forge और RTX की प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा भारत के स्वदेशी HALE UAV कार्यक्रम के लिए टर्बोप्रॉप इंजन की संभावनाएं तलाशेंगे BHEL को राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत द्वितीय पुरस्कार; लगातार तीसरे वर्ष राजभाषा के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित
Search
Close this search box.

भारत नीति

Be Ahead With Economy And Policy Updates

हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में 32 मिलियन टन अयस्क जोड़ा; अन्वेषण सफलता दर 88% के पार बीएचईएल ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के व्यापक रखरखाव हेतु टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) के साथ संयुक्त उद्यम समझौता किया Coforge ने हाई-टेक क्षेत्र में AI फीचर्स से एंटरप्राइज परिणामों की ओर बदलाव को तेज किया ACME Solar ने राजस्थान में 66.68 मेगावाट सौर क्षमता और 300 मेगावाट घंटा BESS क्षमता शुरू की Bharat Forge और RTX की प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा भारत के स्वदेशी HALE UAV कार्यक्रम के लिए टर्बोप्रॉप इंजन की संभावनाएं तलाशेंगे BHEL को राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025-26 के अंतर्गत द्वितीय पुरस्कार; लगातार तीसरे वर्ष राजभाषा के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

IEEFA ने मिशन कोकिंग कोल के तहत मीथेन उत्सर्जन में कमी के उपाय अपनाने की वकालत की

भारत की कोकिंग कोयला खदानों से कम किए जा सकने वाले लगभग 87% मीथेन उत्सर्जन को 20 अमेरिकी डॉलर प्रति टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य (tCO₂e) से कम लागत पर कम किया जा सकता है, जो वैश्विक आकलनों के अनुरूप है।
भारत की कोकिंग कोयला खदानों से कम किए जा सकने वाले लगभग 87% मीथेन उत्सर्जन को 20 अमेरिकी डॉलर प्रति टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य (tCO₂e) से कम लागत पर कम किया जा सकता है, जो वैश्विक आकलनों के अनुरूप है।

नई दिल्ली: इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (IEEFA) के एक नए अध्ययन में भारत की 30 कोकिंग कोयला खदानों का आकलन किया गया। अध्ययन में पाया गया कि इनमें से केवल सात खदानें ही भारत के कुल 138.3 किलो टन (केटी) वार्षिक मीथेन उत्सर्जन का 81% हिस्सा हैं। ‘Methane abatement in India’s coking coal push: Opportunities and costs’ शीर्षक वाले अध्ययन के अनुसार, मौजूदा मीथेन उत्सर्जन न्यूनीकरण तकनीकों की मदद से इनमें से संभावित रूप से 105 केटी वार्षिक मीथेन उत्सर्जन को कम किया जा सकता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के ग्लोबल मीथेन ट्रैकर 2026 के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत की कोकिंग कोयला खनन गतिविधियों से लगभग 234.7 केटी मीथेन उत्सर्जित हुई, जिसकी मीथेन तीव्रता 5.1 किलोग्राम CH₄ प्रति टन कोयला समतुल्य (tCH₄/t coal) रही, जो तापीय कोयले के 3.4 किलोग्राम की तुलना में 50% अधिक है।

अध्ययन की सह-लेखिका पूर्वा जैन ने कहा, “इनमें से अधिकांश अधिक मीथेन उत्सर्जन करने वाली खदानें झारखंड में स्थित हैं, जिससे मीथेन जोखिम और उसके न्यूनीकरण की संभावना दोनों भौगोलिक रूप से एक ही क्षेत्र में केंद्रित हैं। यह स्थिति चरणबद्ध न्यूनीकरण रोडमैप का समर्थन करती है, जिसमें देश की सभी कोकिंग कोयला खदानों पर समान समाधान लागू करने के बजाय क्षेत्र की सबसे अधिक उत्सर्जन करने वाली खदानों को प्राथमिकता दी जाए।”

अध्ययन में कहा गया है कि भारत ने वर्ष 2021 में मिशन कोकिंग कोल शुरू किया था, जिसका उद्देश्य वित्त वर्ष 2030 तक घरेलू कोकिंग कोयला उत्पादन को दोगुने से अधिक करना है। इससे खदानों के विकास और विस्तार की योजनाओं में मीथेन न्यूनीकरण को शामिल करने की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, ताकि उनके परिचालन काल के दौरान उत्सर्जन कम किया जा सके।

अध्ययन के अनुसार, भारत के कोकिंग कोयला क्षेत्र में मीथेन न्यूनीकरण को व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए नीति समर्थन, खदान योजना, नियामकीय ढांचा और कार्यान्वयन की रणनीतियां प्रमुख कारक हैं, जबकि सामान्यतः मानी जाने वाली तकनीकी उपलब्धता और लागत जैसी बाधाएं उतनी महत्वपूर्ण नहीं हैं। अध्ययन की सह-लेखिका सौम्या नौटियाल ने कहा, “वास्तव में, भारत की कोकिंग कोयला खदानों से होने वाले लगभग 87% कम किए जा सकने वाले मीथेन उत्सर्जन को 20 अमेरिकी डॉलर प्रति टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य (tCO₂e) से कम लागत पर कम किया जा सकता है। यह इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के वैश्विक आकलनों के अनुरूप है, जिससे स्पष्ट होता है कि लागत मीथेन न्यूनीकरण में बाधा नहीं होनी चाहिए।”

रिपोर्ट में कोल बेड मीथेन (CBM) उपयोग परियोजनाओं से प्राप्त मीथेन के उत्पादक उपयोग का विस्तार करने की भी सिफारिश की गई है। भारत में इस क्षेत्र में पर्याप्त संभावनाएं हैं। वर्तमान में 15 सक्रिय सीबीएम ब्लॉक राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जुड़े हुए हैं, जो विभिन्न उपयोगों के लिए मीथेन के इस्तेमाल के अवसर प्रदान करते हैं। वर्ष 2022 में टाटा स्टील झारखंड के जमशेदपुर संयंत्र में ब्लास्ट फर्नेस में सीबीएम के निरंतर इंजेक्शन का पायलट शुरू करने वाली दुनिया की पहली इस्पात उत्पादक कंपनी बनी थी।

अध्ययन में विशेष रूप से इस्पात क्षेत्र में कोकिंग कोयले पर दीर्घकालिक निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF), स्क्रैप स्टील आधारित उत्पादन और डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) में घरेलू स्तर पर उत्पादित ग्रीन हाइड्रोजन जैसी वैकल्पिक इस्पात निर्माण तकनीकों की सिफारिश की गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्क्रैप आधारित ईएएफ पद्धति में केवल 12 किलोग्राम कोकिंग कोयले की आवश्यकता होती है, जबकि पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस पद्धति में 770 किलोग्राम कोकिंग कोयला लगता है। भारत सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक देश के 50% इस्पात उत्पादन में स्क्रैप धातु का उपयोग हो, जो वर्तमान में 23% है।

पूर्वा जैन ने कहा, “इससे न केवल इस्पात क्षेत्र के डीकार्बोनाइजेशन में मदद मिलेगी, बल्कि कोकिंग कोयला खनन की आवश्यकता भी कम होगी, जिससे कोकिंग कोयले से होने वाले कोल माइन मीथेन (CMM) उत्सर्जन में भी काफी कमी आएगी।”

अध्ययन में कहा गया है कि मीथेन भारत की जलवायु चुनौती का एक महत्वपूर्ण, लेकिन अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया गया पहलू बनकर उभर रहा है। अब तक नीतिगत स्तर पर मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जबकि मीथेन भी इस चुनौती में महत्वपूर्ण योगदान देती है और इसके लिए लक्षित न्यूनीकरण उपायों की आवश्यकता है। अल्पकालिक जलवायु कार्रवाई के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि मीथेन कम समय तक वातावरण में रहने वाली, लेकिन अत्यधिक प्रभावशाली ग्रीनहाउस गैस है, जिसकी वैश्विक ताप वृद्धि क्षमता बहुत अधिक होती है।

2 Responses

  1. [189]qq8 | Link Vào Chính Thức – Casino Trực Tuyến Uy Tín Nhất,qq8 cung cấp link vào chính thức an toàn, hỗ trợ tải app mới nhất cùng hướng dẫn nạp tiền Momo nhanh chóng. Tham gia trải nghiệm casino trực tuyến uy tín ngay hôm nay! visit: qq8

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You are warmly welcomed to India’s first On-Demand News Platform. We are dedicated to fostering a democracy that encourage diverse opinions and are committed to publishing news for all segments of the society. If you believe certain issues or news stories are overlooked by mainstream media, please write to us. We will ensure your news is published on our platform. Your support would be greatly appreciated if you could provide any relevant facts, images, or videos related to your issue.

Contact Form

Newsletter

Recent News

Follow Us

Related News