नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को बताया कि भारत ने महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, ब्राज़ील, फ्रांस, जर्मनी, पेरू, जापान, ज़ाम्बिया, मोज़ाम्बिक, मंगोलिया और अमेरिका के साथ साझेदारी की है। इसके अलावा भारत मिनरल सिक्योरिटी पार्टनरशिप (MSP), फोरम ऑन रिस्पॉन्सिबल जियोस्ट्रैटेजिक एंगेजमेंट (FORGE) और क्वाड (QUAD) पहलों से भी जुड़ा है।
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा, “सरकार दीर्घकालिक खनिज सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है, जिनमें अपशिष्ट से खनिजों का पुनर्चक्रण, प्रौद्योगिकी साझा करना तथा महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित सहयोगात्मक अनुसंधान प्रयास शामिल हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (National Critical Mineral Mission) शुरू किया है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की दीर्घकालिक और सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा अन्वेषण, खनन, लाभकारीकरण (Beneficiation), प्रसंस्करण और जीवनचक्र पूरा कर चुके उत्पादों से पुनर्प्राप्ति (Recovery) को शामिल करते हुए महत्वपूर्ण खनिज मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है। एनसीएमएम (NCMM) के तहत अपशिष्ट और स्क्रैप जैसे द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण के लिए पुनर्चक्रण क्षमता को बढ़ावा देने हेतु एक प्रोत्साहन योजना भी शुरू की गई है।”







