New Delhi: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के पं. दीनदयाल उपाध्याय केंद्रीय पुस्तकालय में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को राष्ट्रीयपुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया गया। यह दिवस भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती के उपलक्ष्यमें आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने अपने संदेश में डॉ. रंगनाथन के दूरदर्शी विचारों और भारतीय पुस्तकालयव्यवस्था में उनके योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि डॉ. रंगनाथन की परिकल्पना के अनुरूप पुस्तकालयों को निरंतर विकसित करतेहुए अध्ययन, ज्ञान-सृजन और अकादमिक उत्कृष्टता के जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए।
विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. संतोष सी. हुलागाबली ने डॉ. रंगनाथन के योगदान को याद करते हुए कहा कि पुस्तकालयविश्वविद्यालय के सभी हितधारकों को सूचना एवं ज्ञान तक समान और प्रभावी पहुंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंनेगुणवत्तापूर्ण पुस्तकालय सेवाएं प्रदान करने तथा पाठक-केंद्रित अध्ययन वातावरण विकसित करने में पुस्तकालय कर्मियों के समर्पित प्रयासोंकी सराहना की।
उप-पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. राजीव वशिष्ठ ने कहा कि केंद्रीय पुस्तकालय सतत शैक्षणिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विश्वविद्यालयकी शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान गतिविधियों को प्रभावी सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का समन्वय सूचना वैज्ञानिक डॉ. विनिता मलिक ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवंपुस्तकालय कर्मियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित प्रतिभागियों ने डॉ. एस. आर. रंगनाथन के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्रमें अग्रणी योगदान को नमन करते हुए पुस्तकालय एवं सूचना सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।







