नई दिल्ली: श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने आज अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (CWIT) के 750 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फेज-II विस्तार का उद्घाटन किया। इसकी क्षमता 1.6 मिलियन से बढ़कर 3.2 मिलियन TEUs हो गई है। इस विस्तार के साथ CWIT का लक्ष्य 2028 तक कोलंबो पोर्ट के 13 मिलियन TEU लक्ष्य का करीब 25 प्रतिशत संभालना है।
2024 में अपने उद्घाटन वर्ष के भीतर 1 मिलियन TEUs संभालने वाला सबसे तेज टर्मिनल बनने के बाद CWIT ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। टर्मिनल ने परिचालन शुरू होने के पहले 18 महीनों में 2 मिलियन TEUs संभाले हैं।
श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने कहा, “कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल की सफलता दर्शाती है कि जब दूरदर्शी सोच, भरोसेमंद साझेदारी और आधुनिक बुनियादी ढांचा एक साथ आते हैं, तो श्रीलंका क्या हासिल कर सकता है। रिकॉर्ड समय में 2 मिलियन TEUs तक पहुंचना और आज फेज-II की शुरुआत होना केवल कोलंबो पोर्ट के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे देश के आर्थिक भविष्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वैश्विक व्यापार के केंद्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ श्रीलंका में CWIT जैसे निवेश रोजगार पैदा कर रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय व्यापार आकर्षित कर रहे हैं, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा रहे हैं और हिंद महासागर का प्रमुख समुद्री एवं लॉजिस्टिक्स हब बनने की हमारी महत्वाकांक्षा को मजबूत कर रहे हैं।”
अतिरिक्त क्षमता के साथ CWIT एक साथ तीन अल्ट्रा-लार्ज कंटेनर जहाजों को बर्थ कर सकेगा, जिससे ईस्ट-वेस्ट व्यापार मार्ग पर एक महत्वपूर्ण ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में कोलंबो की स्थिति मजबूत होगी।
APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, “750 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश से CWIT की क्षमता को दोगुना कर 3.2 मिलियन TEUs करना APSEZ और वैश्विक शिपिंग लाइनों के भरोसे को दर्शाता है। फेज-II APSEZ के अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और हिंद महासागर के प्रमुख व्यापार गलियारों में हमारी स्थिति को मजबूत करता है। विस्तारित क्षमता, पूर्ण ऑटोमेशन और गहरे पानी के बुनियादी ढांचे के साथ CWIT कोलंबो का प्रमुख ट्रांसशिपमेंट गेटवे बनने और श्रीलंका में EXIM कार्गो में योगदान देने के लिए तैयार है।”
जॉन कील्स ग्रुप के चेयरपर्सन कृष्णन बालेंद्र ने कहा, “यह CWIT और कोलंबो पोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। केवल 18 महीनों में 2 मिलियन TEUs तक पहुंचना इस साझेदारी की उपलब्धियों को दर्शाता है। टर्मिनल के विस्तार के साथ हमें कोलंबो की एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में स्थिति मजबूत करने और क्षेत्र में व्यापार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में श्रीलंका के विकास में सहयोग करने का और बड़ा अवसर दिखाई देता है। हमें APSEZ और श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ इस यात्रा का हिस्सा बनने पर खुशी है।”
CWIT श्रीलंका का पहला पूरी तरह से स्वचालित डीप-वॉटर कंटेनर टर्मिनल है। इसे पूरी तरह विद्युतीकृत संचालन और शून्य टेलपाइप उत्सर्जन के जरिए दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को सेवा देने के लिए बनाया गया है। टर्मिनल ने 17 मिलियन सुरक्षित कार्य घंटे पूरे किए हैं, जो इसके परिचालन और पर्यावरणीय प्रदर्शन के साथ-साथ सुरक्षा और कार्यबल से जुड़ी क्षमताओं को रेखांकित करता है।







