वडोदरा: विद्युतीकरण क्षेत्र की वैश्विक अग्रणी कंपनी हिताची एनर्जी ने भारत के वडोदरा जिले के करजन में एक नया लार्ज पावर ट्रांसफॉर्मर (LPT)कारखाना स्थापित करने के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड द्वारा वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के परिणामों के दौरान की गई हालिया घोषणा का विस्तार है। यह निवेश भारत में कंपनी की 77 वर्षों की उपस्थिति और देश तथा वैश्विक स्तर पर बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए अपनी विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2035 तक 900 गीगावाट (GW) से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने के लिए भारत को पारेषण अवसंरचना में कुल 7.93 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी। ग्रिड विस्तार, डेटा सेंटरों और औद्योगिक विद्युतीकरण के कारण बड़े पावर ट्रांसफॉर्मरों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे स्थानीय विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता भी बढ़ गई है। हिताची एनर्जी का नया कारखाना विश्वसनीय, दक्ष और उच्च गुणवत्ता वाले विद्युत उपकरणों की भारत की मांग को पूरा करने के साथ-साथ अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर ऊर्जा मूल्य श्रृंखला के निर्माण में सहायता करेगा।
नया लार्ज पावर ट्रांसफॉर्मर कारखाना गुजरात में स्थित हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड के मौजूदा पावर, ड्राई डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर कारखानों के साथ-साथ मैसूर और हालोल स्थित ट्रांसफॉर्मर इंसुलेशन एवं कंपोनेंट निर्माण इकाइयों का पूरक होगा। यह कंपनी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा तथा देश के ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों को समर्थन देगा।
वित्त वर्ष 2028 तक पूरा होने के लिए निर्धारित यह अत्याधुनिक ट्रांसफॉर्मर कारखाना प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पावर ट्रांसफॉर्मरों का निर्माण करेगा, जिससे महत्वपूर्ण ग्रिड उपकरणों की आपूर्ति तेजी से संभव हो सकेगी। परिचालन शुरू होने के बाद यह उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन, एचवीडीसी, बिजली उत्पादन, एआई डेटा सेंटरों और बड़े औद्योगिक अनुप्रयोगों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एन. वेणु ने कहा, “यह निवेश भारत के ऊर्जा भविष्य और एक रणनीतिक विनिर्माण केंद्र के रूप में देश की बढ़ती भूमिका में हमारे विश्वास को दर्शाता है। अपनी विनिर्माण उपस्थिति का विस्तार कर हम स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने, कुशल रोजगार सृजित करने और देश के ऊर्जा एवं स्थिरता लक्ष्यों को समर्थन देने वाले नवोन्मेषी समाधान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखते हैं।”
यह कारखाना उन्नत प्रौद्योगिकियों और स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा स्थिरता के उच्चतम मानकों से सुसज्जित होगा, जिससे कुशल और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। वडोदरा संयंत्र को LEED-प्रमाणित स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें ऊर्जा दक्षता, संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसे पूर्णतः डिजिटल इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां स्मार्ट विनिर्माण तकनीकों और एंड-टू-एंड डिजिटल कनेक्टिविटी का उपयोग कर डेटा-आधारित संचालन, गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार तथा उच्च प्रदर्शन वाली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
हिताची एनर्जी के ट्रांसफॉर्मर्स बिजनेस यूनिट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रूनो मेल्स ने कहा, “भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ऊर्जा बाजारों में से एक है। यह नया कारखाना स्थानीय स्तर पर ग्राहकों की सेवा करने की हमारी क्षमता को मजबूत करेगा और देश की आत्मनिर्भरता तथा अवसंरचना विकास में योगदान देगा।”
इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय आर्थिक विकास और कौशल उन्नयन को बढ़ावा मिलेगा। यह हिताची एनर्जी के वैश्विक निवेश कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए विनिर्माण क्षमता, अनुसंधान एवं विकास (R&D), इंजीनियरिंग और साझेदारियों का विस्तार कर रही है। यह निवेश ट्रांसफॉर्मर क्षेत्र में हिताची एनर्जी की नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत करेगा।
नया कारखाना भारत की जटिल ऊर्जा अवसंरचना के विकास में हिताची एनर्जी की व्यापक भूमिका को भी रेखांकित करता है। कंपनी की हालिया उपलब्धियों में मुंबई में दुनिया के सबसे बड़े शहरी एचवीडीसी सिटी सेंटर इन-फीड में से एक का संचालन शुरू करना शामिल है, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य को आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







