नई दिल्ली: भारत के अग्रणी ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया डेवलपर्स में से एक एएम ग्रीन (AM Green) तथा भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत प्रमुख बंदरगाह वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी (VOCPA) ने 28 मई 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है। इस समझौते के तहत दोनों पक्ष संयुक्त रूप से तूतीकोरिन स्थित वीओसी पोर्ट को एक रणनीतिक ग्रीन अमोनिया उत्पादन एवं बंकरिंग हब के रूप में विकसित करेंगे।
यह सहयोग भारत की ऊर्जा संक्रमण यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और ग्रीन हाइड्रोजन तथा उसके डेरिवेटिव्स के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की देश की महत्वाकांक्षा को समर्थन प्रदान करता है। यह साझेदारी एएम ग्रीन की बड़े पैमाने पर ग्रीन अमोनिया उत्पादन क्षमता को वीओसीपीए के तरल अमोनिया प्रबंधन के व्यापक अनुभव तथा राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन हब के रूप में उसकी पहचान के साथ जोड़ती है।
एमओयू के तहत एएम ग्रीन, बंदरगाह के सहयोग से वर्ष 2029-30 तक 200 केटीपीए (हजार टन प्रति वर्ष) तक की ग्रीन अमोनिया मरीन बंकरिंग क्षमता विकसित करने की योजना बना रहा है, जिसमें लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है। दोनों पक्षों ने बाजार की मांग और कम-कार्बन समुद्री ईंधनों को उद्योग द्वारा अपनाए जाने के आधार पर वर्ष 2035 तक इस क्षमता को 500 केटीपीए तक बढ़ाने की संभावना को भी स्वीकार किया है, जिसके लिए कुल 5,000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। एएम ग्रीन और वीओसीपीए पायलट बंकरिंग संचालन की संभावनाओं का अध्ययन करेंगे तथा अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप ग्रीन अमोनिया बंकरिंग के लिए आवश्यक अवसंरचना का संयुक्त रूप से विकास करेंगे।
यह समझौता बंदरगाह के निकट 1 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) क्षमता वाली ग्रीन अमोनिया उत्पादन इकाई स्थापित करने की एएम ग्रीन की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है। इस परियोजना में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसके लिए वीओसीपीए सक्रिय सहयोग प्रदान करेगा। एएम ग्रीन ग्रीन हाइड्रोजन-अमोनिया कॉम्प्लेक्स के लिए भूमि अधिग्रहण का एक बड़ा हिस्सा पहले ही पूरा कर चुका है। यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में 35,000 करोड़ रुपये के निवेश को भी सक्षम बनाएगी। यह विकास वर्ष 2030 तक भारत में 4 एमटीपीए से अधिक ग्रीन अमोनिया उत्पादन क्षमता विकसित करने के कंपनी के लक्ष्य की भी पुष्टि करता है।
तूतीकोरिन की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, विकसित बंदरगाह अवसंरचना और बढ़ते औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाते हुए यह साझेदारी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करने वाला वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ग्रीन फ्यूल्स हब विकसित करने का प्रयास करेगी।
एएम ग्रीन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गौतम रेड्डी कुम्बम ने कहा, “तूतीकोरिन भारत के ग्रीन अमोनिया बंकरिंग भविष्य का स्वाभाविक प्रवेशद्वार है। वीओसी पोर्ट की मौजूदा अमोनिया अवसंरचना, राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन हब का दर्जा और वैश्विक शिपिंग मार्गों से इसकी कनेक्टिविटी इस साझेदारी को एएम ग्रीन की देशव्यापी व्यावसायीकरण रणनीति का एक महत्वपूर्ण आधार बनाती है। हमारा उद्देश्य भारत और वीओसी पोर्ट को वैश्विक ग्रीन समुद्री ईंधन आपूर्ति श्रृंखला के केंद्र में स्थापित करना है।”
वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष सुसांत कुमार नाथ ने कहा, “वीओसी पोर्ट लंबे समय से भारत की अमोनिया आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और एएम ग्रीन के साथ यह साझेदारी विश्वस्तरीय ग्रीन फ्यूल्स हब बनने की हमारी यात्रा का स्वाभाविक अगला कदम है। हम तूतीकोरिन को ग्रीन अमोनिया बंकरिंग और निर्यात के लिए अग्रणी गंतव्य बनाने हेतु आवश्यक अवसंरचना, सुविधा और संस्थागत सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा इस साझा दृष्टिकोण को साकार करने के लिए एएम ग्रीन के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं।”







