नई दिल्ली: भारत और जापान ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख से अधिक लोगों के आदान-प्रदान की योजना का अनावरण किया है। इसमें भारत से जापान भेजे जाने वाले 50,000 कुशल कर्मी भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने जापान के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के संबंध में संसद को यह जानकारी दी।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन ने संसद में एक लिखित उत्तर में कहा, “संयुक्त विज़न के तहत ‘नेक्स्ट जेन पीपल-टू-पीपल पार्टनरशिप’ में भारत-जापान मानव संसाधन आदान-प्रदान एवं सहयोग के लिए कार्ययोजना शामिल है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच 5 लाख से अधिक लोगों का आदान-प्रदान करना है। इसमें भारत से जापान जाने वाले 50,000 कुशल कर्मी और संभावित प्रतिभाएं भी शामिल हैं। क्षमता निर्माण और कौशल विकास इस कार्ययोजना का महत्वपूर्ण केंद्र हैं, जिन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप कार्यक्रमों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों के आदान-प्रदान तथा भारत में जापानी भाषा शिक्षा को बढ़ावा देने के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “संयुक्त विज़न का उद्देश्य वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और ‘क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति (MAHASAGAR)’ के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप उसकी विकास क्षमता का लाभ उठाने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाना है। इसमें भारत में निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले व्यवसायों और निवेश को बढ़ावा देना तथा दक्षिण एशिया और अफ्रीका के अन्य देशों के साथ व्यावसायिक सहयोग को सशक्त बनाने के केंद्र के रूप में भारत में जापानी कंपनियों की मजबूत उपस्थिति को प्रोत्साहित करना शामिल है।







