नई दिल्ली: आर्सेलरमित्तल ने आज अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) के पास फ़ॉर्म 20-F के तहत अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025 जारी कर दी।
कंपनी ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट भी प्रकाशित की है।
वित्त वर्ष 2025 के प्रमुख मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
सुरक्षा: तीन वर्षीय परिवर्तन कार्यक्रम के पहले वर्ष में कंपनी ने 2025 के दौरान सभी सुरक्षा संकेतकों (KPI) में ठोस प्रगति दर्ज की, जिसमें मृत्यु-रोकथाम से जुड़े उपायों में उल्लेखनीय सुधार शामिल है।
पूंजी आवंटन: कंपनी ने संतुलित और अनुशासित पूंजी आवंटन बनाए रखा। इस दौरान 1.1 अरब डॉलर का रणनीतिक पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) किया गया और 0.7 अरब डॉलर शेयरधारकों को लौटाए गए (0.4 अरब डॉलर लाभांश और 0.3 अरब डॉलर शेयर बायबैक के रूप में)। कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट को देखते हुए 2025 में मूडीज़ ने इसकी रेटिंग बढ़ाकर Baa2 (स्थिर) और एसएंडपी ने BBB (स्थिर) कर दी।
लौह अयस्क में वर्टिकल इंटीग्रेशन: आर्सेलरमित्तल दुनिया के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादकों में शामिल है, जिसके पास लगभग 3.7 अरब टन लौह अयस्क भंडार है। 2025 में लौह अयस्क की आत्मनिर्भरता 72% तक पहुंच गई, जो 2024 में 58% थी। लाइबेरिया विस्तार परियोजना (20 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता) के शुरू होने के साथ इसमें और वृद्धि की उम्मीद है।
ऊर्जा परिवर्तन को बढ़ावा: कंपनी 2028 तक 2.8 गीगावॉट की उच्च गुणवत्ता वाली नवीकरणीय ऊर्जा परिसंपत्तियों में निवेश कर रही है। साथ ही 2026 के अंत तक ईएएफ क्षमता में 3.4 मिलियन टन की वृद्धि और 2028 तक ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रिकल स्टील (0.4 मिलियन टन NOES) उत्पादन का विस्तार किया जा रहा है, जिससे मार्जिन, पूंजी पर रिटर्न और दीर्घकालिक सतत विकास को समर्थन मिलेगा।
उद्योग में अग्रणी अनुसंधान एवं विकास: आर्सेलरमित्तल का वैश्विक अनुसंधान एवं विकास नेटवर्क 9 देशों में 14 केंद्रों में फैला हुआ है। कंपनी ने 2025 में 335 मिलियन डॉलर का निवेश किया, जो स्टील, खनन, डीकार्बोनाइजेशन तकनीक और एआई आधारित डिजिटल मॉडल को आगे बढ़ाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पूंजी रिटर्न: कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर 0.60 डॉलर लाभांश प्रस्तावित किया है, जो 2025 के 0.55 डॉलर प्रति शेयर से अधिक और 2021 के स्तर से दोगुना है। इसके अलावा, कंपनी अपनी पूंजी वापसी नीति के तहत लाभांश के बाद बचने वाले मुक्त नकदी प्रवाह का कम से कम 50% शेयर बायबैक के माध्यम से शेयरधारकों को लौटाती रहेगी।
शेयर बायबैक कार्यक्रम में प्रमुख शेयरधारक की भागीदारी: 7 अप्रैल 2025 को घोषित शेयर बायबैक कार्यक्रम में एक प्रमुख शेयरधारक ने भी भागीदारी की है। यह शेयरधारक 2006 के समझौता ज्ञापन के तहत निर्धारित 45% हिस्सेदारी सीमा के करीब पहुंच चुका है। 5 मार्च 2026 को उसने कंपनी के साथ एक शेयर पुनर्खरीद समझौता किया है, जिसके तहत कार्यक्रम के दौरान वह अपनी हिस्सेदारी के अनुपात में आर्सेलरमित्तल को शेयर बेचेगा। कंपनी द्वारा खुले बाजार में जिस औसत कीमत पर शेयर खरीदे जाएंगे, उसी कीमत पर यह लेनदेन भी किया जाएगा।







