New Delhi: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के शोधकर्ताओं को फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सतत कंप्यूटिंग सम्मेलन (आईसीएससी-2026) में ‘बेस्ट पेपर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मेलन 8 और 9 जून, 2026 को आयोजित किया गया था।
“एडैप्टिव मरीन प्रिडेटर एल्गोरिद्म फॉर एक्यूरेट पैरामीटर एस्टीमेशन ऑफ प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल्स” विषयक इस के लेखक हकेवि के विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष प्रो. आकाश सक्सेना, प्रो. अजय कुमार बंसल तथा जयपुर स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोथान (एसकेआईटी) के श्री वीरेन्द्र एस. संगतानी हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने इस उपलब्धि पर शोधकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे उत्कृष्ट शोध वातावरण और शिक्षकों की अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार, शोध और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
शोधकर्ताओं ने इस उपलब्धि के लिए कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में ऐसा सकारात्मक शैक्षणिक और शोध वातावरण बना है, जो शिक्षकों और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करने के लिए प्रेरित करता है।
यह शोध प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन (पीईएम) फ्यूल सेल्स के मॉडल और उनके विभिन्न मानकों के सटीक आकलन से संबंधित है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने ‘एडैप्टिव मरीन प्रिडेटर एल्गोरिद्म’ नामक एक नई तकनीक का उपयोग किया है। यह तकनीक फ्यूल सेल्स की कार्यक्षमता को बेहतर ढंग से समझने और उनके प्रदर्शन का अधिक सटीक आकलन करने में मदद करती है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह अध्ययन स्वच्छ और सतत ऊर्जा तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। इसके परिणाम फ्यूल सेल आधारित ऊर्जा प्रणालियों, इलेक्ट्रिक वाहनों तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। सम्मेलन में विभिन्न देशों के शोधकर्ता, शिक्षाविद् और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए। ‘बेस्ट पेपर अवार्ड’ शोध की नवीनता, तकनीकी उत्कृष्टता और उसके संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रदान किया गया।







