Bharat Neeti

भारत नीति

Be Ahead With Economy And Policy Updates

ताजा खबर
Persistent को दिव्यांगजन समावेशन में उत्कृष्टता के लिए सीआईआई पुरस्कार मिला एलेम्बिक फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को बिनिमेटिनिब 45 मि.ग्रा. टैबलेट्स के लिए यूएसएफडीए से अस्थायी मंजूरी मिली बीसीपीएल रेलवे इंफ्रा को पूर्वी रेलवे के सियालदह मंडल के तहत 4.62 करोड़ रुपये का कार्यादेश मिला Intense Technologies के संस्थापक सी.के. शास्त्री ने सेवानिवृत्ति की घोषणा की विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सहयोग हेतु 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों की तैनाती होगी मध्य पूर्व संकट से वैश्विक हाइड्रोजन आपूर्ति शृंखला की कमजोरियां उजागर, कम-उत्सर्जन विकल्पों के विस्तार में चुनौतियां
Search
Close this search box.

भारत नीति

Be Ahead With Economy And Policy Updates

Persistent को दिव्यांगजन समावेशन में उत्कृष्टता के लिए सीआईआई पुरस्कार मिला एलेम्बिक फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को बिनिमेटिनिब 45 मि.ग्रा. टैबलेट्स के लिए यूएसएफडीए से अस्थायी मंजूरी मिली बीसीपीएल रेलवे इंफ्रा को पूर्वी रेलवे के सियालदह मंडल के तहत 4.62 करोड़ रुपये का कार्यादेश मिला Intense Technologies के संस्थापक सी.के. शास्त्री ने सेवानिवृत्ति की घोषणा की विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सहयोग हेतु 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों की तैनाती होगी मध्य पूर्व संकट से वैश्विक हाइड्रोजन आपूर्ति शृंखला की कमजोरियां उजागर, कम-उत्सर्जन विकल्पों के विस्तार में चुनौतियां

पर्यावरण मंत्रालय और एनबीए ने तमिलनाडु और मेघालय में जमीनी स्तर पर जैव विविधता शासन को मजबूत करने के लिए पाँच वर्षीय परियोजना शुरू की

नई दिल्ली: ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDPs) के हरितीकरण और नवोन्मेषी वित्तपोषण के माध्यम से स्थानीय समुदायों और संस्थानों को सशक्त बनाकर जमीनी स्तर पर जैव विविधता शासन को मजबूत करने के उद्देश्य से, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने ‘जैव विविधता संरक्षण प्रतिबद्धताओं को सुरक्षित करने हेतु संस्थागत क्षमताओं का सुदृढ़ीकरण’ शीर्षक से एक ऐतिहासिक पाँच वर्षीय परियोजना शुरू की है। यह परियोजना भारत सरकार, ग्लोबल एनवायरनमेंट फैसिलिटी (GEF) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की संयुक्त पहल है, जिसके लिए वर्ष 2025–2030 की अवधि हेतु 48.8 लाख अमेरिकी डॉलर का अनुदान प्रदान किया गया है।

यह परियोजना दो पारिस्थितिकीय रूप से महत्त्वपूर्ण परिदृश्यों पर आधारित है। तमिलनाडु में पश्चिमी और पूर्वी घाटों के संगम पर स्थित सत्यामंगलम परिदृश्य, जिसमें मुदुमलाई टाइगर रिजर्व और सत्यामंगलम टाइगर रिजर्व शामिल हैं, वन-सीमांत समुदायों को एकजुट करता है, जो लंबे समय से वन्यजीव गलियारों के संरक्षक रहे हैं। उनके गहन पारिस्थितिकीय ज्ञान को GPDPs में शामिल किया जाएगा, जिससे स्थानीय शासन में जैव विविधता संरक्षण को प्रमुख स्थान मिलेगा। मेघालय के गारो हिल्स में नोकरेक बायोस्फीयर रिजर्व, बलपक्रम राष्ट्रीय उद्यान और सिजू वन्यजीव अभयारण्य मिलकर सरकारी वनों और आरक्षित वनों का एक जीवंत पारिस्थितिक तंत्र बनाते हैं, जो ग्राम पंचायतों के समकक्ष ग्राम रोजगार परिषदों (VECs) के माध्यम से समुदाय-आधारित संरक्षण के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं।

परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय विकास योजनाओं में जैव विविधता को मुख्यधारा में लाना है, ताकि पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) को सशक्त बनाया जा सके तथा परिदृश्य-स्तरीय बहु-हितधारक मंचों का निर्माण किया जा सके। ये मंच वन विभागों, राजस्व प्राधिकरणों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और नागरिक समाज को एक साथ लाकर समुदाय-स्वामित्व वाली और वित्तपोषित जैव विविधता योजनाएँ तैयार करेंगे।

परियोजना का एक अन्य प्रमुख उद्देश्य नवोन्मेषी वित्तपोषण तंत्र को बढ़ावा देना है। इसके तहत एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS) व्यवस्थाओं को सक्रिय किया जाएगा, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) सह-वित्तपोषण को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा हरित सूक्ष्म-उद्यमों को बढ़ावा दिया जाएगा, जो संरक्षण के प्रत्यक्ष प्रतिफल के रूप में सतत आजीविका सृजित करेंगे। तीसरा उद्देश्य ज्ञान प्रबंधन और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है, जिसके तहत दोनों परिदृश्यों से प्राप्त नवाचारों का व्यवस्थित संकलन कर NBA और MoEFCC के मंचों के माध्यम से उन्हें देशभर में दोहराने योग्य बनाया जाएगा। इसमें महिलाओं, अनुसूचित जातियों और जनजातीय समुदायों की आर्थिक एवं प्रशासनिक भूमिका को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

इस परियोजना की प्रशासनिक संरचना निम्न-स्तरीय (बॉटम-अप) दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें पंचायती राज संस्थाएँ प्रमुख प्रबंधकीय भूमिका निभाएँगी। यह परियोजना भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्ययोजना (NBSAP 2024–2030), कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता रूपरेखा के ऐतिहासिक 30×30 लक्ष्य, पेरिस समझौते के तहत भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) तथा तमिलनाडु विज़न 2030 और मेघालय विज़न 2030 के लक्ष्यों के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाती है। यह विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘सम्पूर्ण-सरकार’ (Whole-of-Government) और ‘सम्पूर्ण-समाज’ (Whole-of-Society) दृष्टिकोण को अपनाती है।

You are warmly welcomed to India’s first On-Demand News Platform. We are dedicated to fostering a democracy that encourage diverse opinions and are committed to publishing news for all segments of the society. If you believe certain issues or news stories are overlooked by mainstream media, please write to us. We will ensure your news is published on our platform. Your support would be greatly appreciated if you could provide any relevant facts, images, or videos related to your issue.

Contact Form

Newsletter

Recent News

Follow Us

Related News