नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने को-जनरेशन परियोजनाओं में 26 प्रतिशत इक्विटी निवेश करने के इच्छुक वाणिज्यिक और औद्योगिक संस्थानों से रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भाप और बिजली उत्पादन करने वाली सुविधाओं के विकास की संभावनाओं का पता लगाना है। इसके साथ ही कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) पर आधारित एकीकृत बिजली आपूर्ति समाधान भी शामिल हैं।
उद्योगों में ऊर्जा सुरक्षा, लागत अनुकूलन और सतत विकास पर बढ़ते ध्यान के बीच, को-जनरेशन एकीकृत प्रणाली के माध्यम से भाप और बिजली का उत्पादन करके समग्र ऊर्जा दक्षता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। इस प्रस्तावित पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति व्यवस्थाओं के माध्यम से उद्योगों की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराना है।
यह पहल एनटीपीसी की ऊर्जा समाधान पोर्टफोलियो का विस्तार करने और उद्योगों के साथ साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बिजली उत्पादन में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर और ऊर्जा आपूर्ति के नए मॉडलों की संभावनाएं तलाशते हुए, एनटीपीसी का लक्ष्य औद्योगिक विकास को समर्थन देना तथा ऊर्जा दक्षता, सतत विकास और ऊर्जा परिवर्तन के उद्देश्यों में योगदान करना है।
एनटीपीसी लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी है। इसकी स्थापित क्षमता 91 गीगावाट से अधिक है, जबकि 35 गीगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। कंपनी ने वर्ष 2032 तक अपनी कुल क्षमता 149 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 60 गीगावाट क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से होगी। इसमें तापीय, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों का संतुलित मिश्रण शामिल है, जिससे देश को विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
बिजली उत्पादन के साथ-साथ एनटीपीसी ने ई-मोबिलिटी, ऊर्जा भंडारण, वेस्ट-टू-एनर्जी, परमाणु ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन समाधान सहित कई नए व्यावसायिक क्षेत्रों में भी कदम रखा है।







