New Delhi: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार ने एआई गवर्नेंस और आर्थिक समूह (AIGEG) का गठन किया है। यह एक उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी निकाय है, जो एआई गवर्नेंस नीति के विकास और समन्वय के लिए भारत का केंद्रीय संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करेगा।
AIGEG का गठन भारत की एआई गवर्नेंस गाइडलाइंस और आर्थिक सर्वेक्षण में किए गए संस्थागत सुझावों को औपचारिक रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन गाइडलाइंस में एआई गवर्नेंस के लिए पूरे-सरकार (whole-of-government) दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी निकाय स्थापित करने की सिफारिश की गई है, ताकि विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, नियामकों और सलाहकार निकायों की गतिविधियों को एक समन्वित राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप जोड़ा जा सके। वहीं, आर्थिक सर्वेक्षण ने भी एक ऐसे समन्वयकारी प्राधिकरण की आवश्यकता पर बल दिया है, जो एआई के उपयोग को श्रम बाज़ार की वास्तविकताओं और सामाजिक स्थिरता की प्राथमिकताओं के साथ संतुलित कर सके।
AIGEG की अध्यक्षता इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव करेंगे, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। AIGEG में नीति निर्माण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और आर्थिक मामलों से जुड़े सरकार के वरिष्ठ हितधारकों को शामिल किया गया है।
AIGEG भारत के एआई गवर्नेंस संस्थागत ढांचे के भीतर सर्वोच्च अंतर-मंत्रालयी निकाय के रूप में कार्य करेगा। इसे प्रौद्योगिकी और नीति विशेषज्ञ समिति (TPEC) का सहयोग प्राप्त होगा, जो वैश्विक विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, जोखिमों, विनियमन और एआई नीति व गवर्नेंस से संबंधित अन्य विकसित होती प्राथमिकताओं पर विशेषज्ञ सलाह प्रदान करेगी।







