नई दिल्ली: तीन दशकों से अधिक के अनुभव वाली प्रमुख सौर ऊर्जा समाधान प्रदाता कंपनी Solex Energy Limited ने आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर अपनी सफल लिस्टिंग का जश्न मनाया। यह कंपनी की विकास, नवाचार और मूल्य सृजन की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर कंपनी के निदेशक मंडल, प्रमोटर्स और वरिष्ठ नेतृत्व मौजूद रहे।
इस अवसर पर Solex Energy Limited के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. चेतन शाह ने कहा, “BSE पर हमारी लिस्टिंग पूरी Solex टीम के लिए गर्व और यादगार पल है। यह हमारे विजन, गवर्नेंस और दीर्घकालिक विकास रणनीति में निवेशकों और हितधारकों के भरोसे को दर्शाता है। आज Solex Energy के साथ 11,000 से अधिक शेयरधारकों का बढ़ता समुदाय जुड़ा हुआ है और BSE पर लिस्टिंग के साथ हम अपने निवेशक आधार को और व्यापक बनाने तथा अपने शेयरधारक पोर्टफोलियो को मजबूत करने की उम्मीद करते हैं।

उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे हम अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का विस्तार करना और भारत के रिन्यूएबल एनर्जी इकोसिस्टम में अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखेंगे, यह उपलब्धि कैपिटल मार्केट्स में हमारी पहुंच बढ़ाएगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सौर विनिर्माण उद्यम बनाने की हमारी यात्रा को समर्थन देगी। हम अपने शेयरधारकों के लिए स्थायी मूल्य सृजित करने के साथ-साथ भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और विकसित भारत के विजन में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
Solex Energy ने लगातार अपने मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया है। कंपनी गुजरात स्थित तड़केश्वर सुविधा में अपनी विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ा रही है, जिससे हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल और अगली पीढ़ी की सौर प्रौद्योगिकियों पर उसका फोकस मजबूत हो रहा है। मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन और बढ़ती बाजार उपस्थिति के साथ Solex भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सक्रिय रूप से भाग लेने की स्थिति में है।
कंपनी के दीर्घकालिक Vision 2030 का लक्ष्य 10 GW सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, 10 GW सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, 10 GW BESS इंफ्रास्ट्रक्चर और 2 GW वेफर एवं इंगॉट्स की क्षमता स्थापित करना है। इसके साथ ही कंपनी सोलर वैल्यू चेन में आगे और एकीकरण की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। यह विजन भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत पहलों के साथ निकटता से जुड़ा है, जिनका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना और देश के सतत ऊर्जा की ओर संक्रमण को तेज करना है।







