नई दिल्ली: पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) कंपनियों में से एक विक्रानइंजीनियरिंग लिमिटेड को पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से 400 केवी जीआईएस सबस्टेशन पैकेज एसएस-147 के लिए लगभग 120.69 करोड़ रुपये (जीएसटी के बिना) का नया ऑर्डर मिला है। घरेलू प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए मिला यह ऑर्डर भारत की सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी के लिए एकपसंदीदा ईपीसी पार्टनर के तौर पर कंपनी की स्थिति को और मजबूत करता है और इसके बढ़ते ऑर्डर बुक में एक अहम प्रोजेक्ट को जोड़ता है।
इस काम में तीन अहम पावरग्रिड सबस्टेशनों पर ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़ाने के लिए गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जीआईएस) इक्विपमेंट का डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग शामिल है। ये सबस्टेशन हैं – दादरा और नगर हवेली में 400/220 केवी मगरवाड़ाजीआईएस सबस्टेशन, गुजरात में 765/400/220 केवी वडनगर जीआईएस सबस्टेशन और मध्य प्रदेश में 400/220 केवी राजगढ़ सबस्टेशन। इस प्रोजेक्ट मेंसामान और सेवाओं की सप्लाई से जुड़े दो इंटीग्रेटेड कॉन्ट्रैक्ट के तहत 400/220 केवी जीआईएस बे (bays) और उससे जुड़े दूसरे काम शामिल हैं।
इन अहम जगहों पर ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़ाने से गुजरात, मध्य प्रदेश और दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव केंद्र-शासित प्रदेश में अलग-अलगक्षेत्रों के बीच बिजली ट्रांसमिशन मजबूत होने, ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ने और बिजली बाहर भेजने की क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।
ऑर्डर मिलने पर विक्रान इंजीनियरिंग लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश मार्खेड़कर ने कहा, “पावरग्रिड से यह ऑर्डर मिलना इस बात का सबूत है कि हमारे क्लाइंट्स विक्रान इंजीनियरिंग की इंजीनियरिंग क्षमताओं और काम पूरा करने के ट्रैक रिकॉर्डपर लगातार भरोसा करते हैं। यह प्रोजेक्ट पावरग्रिड के साथ हमारे पुराने रिश्तों को और मजबूत करता है और हाई-वोल्टेज जीाईएस सबस्टेशन सेगमेंट मेंहमारी मौजूदगी को बढ़ाता है।”
“जैसे-जैसे भारत में बिजली की मांग बढ़ रही है, ग्रिड की स्थिरता और भरोसेमंद कामकाज के लिए जरूरी ट्रांसमिशन पॉइंट्स पर ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता कोबढ़ाना बहुत जरूरी हो गया है। हम इस प्रोजेक्ट को उसी क्वालिटी, सटीकता और समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिसकी हमारे क्लाइंट्स हमसेउम्मीद करते हैं। साथ ही हम अपने ऑर्डर बुक को मजबूत करने और ट्रांसमिशन ईपीसी सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का काम भी जारी रखेंगे।”
इस अहम प्रोजेक्ट के सफल पूरा होने से भारत के जरूरी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर विक्रान इंजीनियरिंग कीस्थिति और मजबूत हुई है। कंपनी अलग-अलग इलाकों में मुश्किल जगहों पर भी इंजीनियरिंग में बेहतरीन काम करते हुए जटिल ट्रांसमिशन और सबस्टेशनप्रोजेक्ट्स को पूरा कर रही है। साथ ही, यह भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और भरोसेमंद, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार पावर नेटवर्क केविकास को तेजी देने में भी मदद कर रही है।







