नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद (वाइंडिंग अप) करने का आदेश दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (BR Act) की धारा 22(4) के तहत 24 अप्रैल, 2026 को कारोबार समाप्त होने के बाद से प्रभावी रूप से उसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। लाइसेंस लगातार नियामकीय अनुपालन में कमी और जमाकर्ताओं के हितों पर जोखिम के कारण रद्द किया गया था।
आरबीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 38 और 39 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, पीपीबीएल को बंद (वाइंडिंग अप) करने और भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक (CGM) गिरिकुमार एम. नायर को पीपीबीएल का परिसमापक (Liquidator) नियुक्त करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में आवेदन किया गया था।”
आरबीआई ने आगे कहा, “8 जुलाई, 2026 के आदेश तथा 22 जुलाई, 2026 के आदेश के साथ पढ़े जाने पर, दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों तथा कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत पीपीबीएल को बंद (वाइंडिंग अप) करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने गिरिकुमार एम. नायर को पीपीबीएल का आधिकारिक परिसमापक (Official Liquidator) नियुक्त किया है। उक्त आदेश के अनुसार, आधिकारिक परिसमापक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 तथा कंपनी अधिनियम, 2013 के लागू प्रावधानों के तहत निर्धारित सभी शक्तियों का प्रयोग करेंगे। आदेश के अनुसार, 8 जुलाई, 2026 से आधिकारिक परिसमापक पीपीबीएल के निदेशक मंडल (Board) की सभी शक्तियों का प्रयोग करेंगे।”







