पुणे: भारत के सबसे ऊंचे और सबसे शक्तिशाली विंड टर्बाइन S175 (5.0 मेगावाट) के लॉन्च के महज दो सप्ताह बाद ही सुजलॉन को सन्स्योर एनर्जी से इस अगली पीढ़ी के टर्बाइन के लिए पहला 105 मेगावाट का ऑर्डर प्राप्त हुआ है। यह ऑर्डर S175 की मजबूत व्यावसायिक शुरुआत को दर्शाता है और सुजलॉन की तकनीक तथा नवाचार-आधारित उत्पाद पोर्टफोलियो में ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को रेखांकित करता है। पिछले 14 महीनों में सन्स्योर एनर्जी द्वारा सुजलॉन को दिया गया यह तीसरा ऑर्डर है, जिससे दोनों कंपनियों के बीच कुल साझेदारी 400.8 मेगावाट तक पहुंच गई है।
175 मीटर रोटर और 160 मीटर हाइब्रिड लैटिस टावर से लैस S175 को अधिक मजबूत और स्थिर पवन प्रवाह वाले क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए विकसित किया गया है, जिससे ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। यह टर्बाइन पहले आर्थिक रूप से अव्यवहारिक माने जाने वाले स्थलों को भी व्यावसायिक रूप से आकर्षक बनाकर पवन ऊर्जा बाजार के दायरे का विस्तार करता है।
इस परियोजना के तहत कर्नाटक के बीजापुर जिले में स्थापित किए जाने वाले 21 S175 विंड टर्बाइन जनरेटरों की आपूर्ति, स्थापना, कमीशनिंग और रखरखाव का कार्य सुजलॉन द्वारा किया जाएगा।
सुजलॉन समूह के वाइस चेयरमैन गिरीश टांटी ने कहा कि सन्स्योर ने अपनी पवन ऊर्जा यात्रा सुजलॉन के साथ शुरू की थी और आज यह भारत की सबसे बड़ी तथा तेजी से बढ़ती सीएंडआई-केंद्रित नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी विभिन्न राज्यों और तकनीकों तक विस्तारित हुई है तथा अब सन्स्योर सुजलॉन के अगली पीढ़ी के 5 मेगावाट S175 टर्बाइन का पहला ग्राहक बन गया है।
सन्स्योर एनर्जी के सह-संस्थापक एवं मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी मनीष मेहता ने कहा कि कंपनी की रणनीति भारत में तेजी से बढ़ते विद्युतीकरण और विनिर्माण विस्तार की जरूरतों को पूरा करने के लिए विश्वसनीय और निरंतर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि S175 को स्थिर और डिस्पैचेबल बिजली आपूर्ति के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है और यह 2030 तक 10 गीगावाट क्षमता वाला प्लेटफॉर्म बनने की सन्स्योर की महत्वाकांक्षा के अनुरूप है।
सुजलॉन समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कपूर ने कहा कि यह परियोजना ऊर्जा उत्पादन और परियोजना अर्थशास्त्र के क्षेत्र में एक मानक स्थापित कर सकती है। उन्होंने कहा कि मात्र 14 महीनों में सन्स्योर एनर्जी के साथ 400.8 मेगावाट क्षमता का विकास भारत के वाणिज्यिक एवं औद्योगिक नवीकरणीय ऊर्जा बाजार की तेज़ प्रगति और सुजलॉन की तकनीक, निष्पादन क्षमता तथा नवाचार पर ग्राहकों के गहरे भरोसे को दर्शाता है।






