नई दिल्ली: भारत की अग्रणी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स और उन्नत ऑटोमोटिव एवं औद्योगिक लुब्रिकेंट प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी कैस्ट्रोल इंडिया लिमिटेड ने प्रयुक्त इंजन ऑयल की सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देने के लिए एक पायलट कार्यक्रम शुरू करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां कर्नाटक में टाटा मोटर्स के अधिकृत सर्विस नेटवर्क से निकलने वाले प्रयुक्त इंजन ऑयल के संग्रहण, भंडारण और उचित चैनलाइजेशन के लिए एक ट्रेसेबल प्रणाली विकसित करेंगी। यह पायलट परियोजना प्रयुक्त ऑयल के जिम्मेदार प्रबंधन से जुड़ी उस लंबे समय से चली आ रही चुनौती को संबोधित करेगी, जिसे खतरनाक अपशिष्ट की श्रेणी में रखा जाता है।
टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स के हेड–स्पेयर्स एंड नॉन-व्हीकल बिजनेस विक्रम अग्रवाल ने कहा कि प्रयुक्त ऑयल का जिम्मेदार प्रबंधन भारत में वास्तव में एक सर्कुलर ऑटोमोटिव इकोसिस्टम बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देशभर में हर वर्ष बड़ी मात्रा में प्रयुक्त इंजन ऑयल उत्पन्न होता है, इसलिए उसका जिम्मेदार संग्रहण और पुनर्चक्रण पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। कैस्ट्रोल इंडिया के साथ साझेदारी के माध्यम से कंपनी एक विश्वसनीय और विस्तार योग्य मॉडल तैयार कर रही है, जो सर्विस केंद्रों पर जिम्मेदार संग्रहण को उच्च गुणवत्ता वाले पुनः परिष्कृत (री-रिफाइंड) उत्पादों से जोड़ेगा। यह टाटा मोटर्स की व्यापक स्थिरता यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कैस्ट्रोल इंडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट–बी2बी (ओईएम) सेल्स अनुप जिंदल ने कहा कि लुब्रिकेंट्स के लिए सर्कुलर इकोनॉमी बनाने के लिए पूरी वैल्यू चेन में सहयोग आवश्यक है। उनके अनुसार, टाटा मोटर्स के साथ यह साझेदारी भारत में प्रयुक्त ऑयल के जिम्मेदार प्रबंधन के लिए एक संरचित इकोसिस्टम विकसित करने पर केंद्रित कंपनी का पहला ओईएम सहयोग है। उन्होंने कहा कि कंपनी संग्रहण, चैनलाइजेशन, पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग तक सर्कुलैरिटी चेन के हर चरण को मजबूत करने पर काम कर रही है। दक्षिण भारत में चलाए गए प्रयुक्त ऑयल संग्रहण पायलट कार्यक्रमों से मिले अनुभवों ने इस क्षेत्र में अवसरों और चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद की है।
पायलट कार्यक्रम के तहत कर्नाटक में टाटा मोटर्स के अधिकृत बिक्री और सेवा केंद्र प्रयुक्त इंजन ऑयल के संरचित संग्रहण केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। कैस्ट्रोल इंडिया अपने लुब्रिकेंट विशेषज्ञता और पूर्व पायलट कार्यक्रमों के अनुभव के आधार पर एकत्रित ऑयल को पंजीकृत रीसाइक्लर्स तक पहुंचाने की प्रक्रिया का नेतृत्व करेगी, ताकि पुनर्चक्रण प्रक्रिया में गुणवत्ता और ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित की जा सके।
यह समझौता टाटा मोटर्स और कैस्ट्रोल इंडिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को आगे बढ़ाता है और नवाचार तथा सहयोग के माध्यम से स्थिरता को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक वाहनों, सीएनजी प्लेटफॉर्म और ऊर्जा-कुशल मोबिलिटी समाधानों पर आधारित व्यापक स्थिरता एजेंडा के अनुरूप है तथा कैस्ट्रोल इंडिया की उच्च-प्रदर्शन लुब्रिकेंट उत्पादों में पुनर्चक्रित सामग्रियों के उपयोग को बढ़ावा देने की रणनीति को भी समर्थन देती है।






