नई दिल्ली: विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025 के सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अधिनियम के 1 जुलाई 2026 से लागू होने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहयोग प्रदान करने के लिए देशभर में 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों (एरिया ऑफिसर्स) की तैनाती करने का निर्णय लिया है।
एरिया ऑफिसर्स क्रियान्वयन चरण के दौरान सुगमकर्ता और संसाधन व्यक्ति के रूप में कार्य करेंगे। वे राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर अधिनियम के कार्यान्वयन में सहयोग, स्थानीय क्षमताओं को सुदृढ़ करने, ज्ञान साझा करने, परिचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान तथा श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने को बढ़ावा देने का कार्य करेंगे।
इस भूमिका के लिए अधिकारियों को तैयार करने हेतु ग्रामीण विकास विभाग ने एक विशेष अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं, क्रियान्वयन ढांचे, संस्थागत व्यवस्थाओं, प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन प्रणालियों तथा राज्यों और जिलों को उपलब्ध सहायता तंत्रों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल ने की। संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने अभिमुखीकरण कार्यक्रम का संचालन किया।
अपने दौरों के दौरान एरिया ऑफिसर्स राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे ताकि क्रियान्वयन संबंधी आवश्यकताओं को समझा जा सके, अनुभवों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान किया जा सके, क्षमता निर्माण प्रयासों को समर्थन दिया जा सके तथा परिचालन संबंधी समस्याओं के समाधान में सहायता मिल सके। उनकी भागीदारी विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करने और नए ढांचे में परिवर्तन के दौरान प्रभावी क्रियान्वयन को समर्थन देने में सहायक होगी। यह पहल संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने और देशभर में अधिनियम के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
एरिया ऑफिसर पहल से अपेक्षा की जा रही है कि यह क्रियान्वयन चरण के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समन्वय स्थापित करने, क्रियान्वयन संबंधी अनुभव साझा करने तथा निरंतर संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे VB–G RAM G ढांचे में सहज और प्रभावी संक्रमण सुनिश्चित हो सकेगा।
VB–G RAM G अधिनियम, 2025 का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को सतत और समावेशी ग्रामीण विकास का प्रेरक बनाना है। इसके तहत गारंटीकृत मजदूरी आधारित रोजगार को आजीविका संवर्धन, जलवायु अनुकूलन क्षमता, ग्रामीण अवसंरचना निर्माण और प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन व्यवस्था के साथ एकीकृत किया जाएगा। विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं (VGPPs), जीआईएस आधारित योजना निर्माण और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से यह अधिनियम विकसित भारत @2047 के विजन को आगे बढ़ाता है।
मंत्रालय ने देशभर में तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक पूर्व-तैयारी उपाय भी किए हैं। इनमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 95,692 करोड़ रुपये के अंतरिम आवंटन को मंजूरी, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को DBT-SPARSH प्लेटफॉर्म से जोड़ना, लगभग 93 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी करना, फेस ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली का देशव्यापी विस्तार, समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास तथा बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण पहल शामिल हैं।
अब तक हुई प्रगति के अनुसार 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए बजटीय प्रावधान कर दिए हैं, जबकि छह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने VB–G RAM G ढांचे के तहत अपनी राज्य योजनाओं को अधिसूचित कर दिया है। शेष राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी योजनाओं को अंतिम रूप देने के उन्नत चरण में हैं।







