नई दिल्ली: जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (जेएसएल) के निदेशक मंडल ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के वित्तीय परिणामों की आज घोषणा की। भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आपूर्ति शृंखला पर पड़े दबाव के बावजूद कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। इस अवधि में कंपनी का समेकित शुद्ध राजस्व ₹11,279 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 10.5% अधिक है। एबिट्डा ₹1,329 करोड़ रहा, जबकि पीएटी बढ़कर ₹769 करोड़ हो गया, जो क्रमशः वर्ष-दर-वर्ष 1.5% और 7.6% की वृद्धि दर्शाता है। समेकित शुद्ध ऋण ₹2,950 करोड़ रहा तथा शुद्ध ऋण-से-इक्विटी अनुपात 0.14x रहा।
कंपनी के प्रदर्शन को ऑटोमोबाइल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण तथा उपभोक्ता क्षेत्रों से मजबूत मांग का समर्थन मिला। ऑटोमोबाइल खंड कंपनी के लिए प्रमुख वृद्धि चालक बना रहा, वहीं विशेष ग्रेड (स्पेशल ग्रेड्स) की बिक्री मात्रा में भी वृद्धि दर्ज की गई। व्हाइट गुड्स तथा मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए आपूर्ति में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। भारतीय रेलवे द्वारा कोच निर्माण बढ़ाने की योजना के चलते रेलवे क्षेत्र से मांग मजबूत बनी रही। इसके अतिरिक्त, कंपनी को बिजली, तेल एवं गैस क्षेत्रों के लिए विशेष स्टेनलेस स्टील ग्रेड्स के नए ऑर्डर प्राप्त हुए। स्पेशल प्रोडक्ट डिवीजन, जिसमें मिंट, ब्लेड स्टील, प्रिसीजन स्ट्रिप्स तथा कॉइन ब्लैंक्स शामिल हैं, उसमें भी तिमाही-दर-तिमाही बेहतर प्रदर्शन जारी रखा।
यह तिमाही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच रही। पश्चिम एशिया संकट के कारण तिमाही के शुरुआती सप्ताहों में औद्योगिक गैसों की उपलब्धता प्रभावित हुई। कंपनी ने प्रोपेन और एलपीजी की सीमित उपलब्धता की भरपाई के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग बढ़ाकर स्थिति को सक्रिय रूप से संभाला। इसके बावजूद, कुछ समय के लिए कंपनी को अपनी विनिर्माण इकाइयों में उत्पादन सीमित करना पड़ा। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 5,80,805 टन तैयार माल की बिक्री दर्ज की तथा मूल्यवर्धित उत्पादों पर अपने निरंतर फोकस के कारण स्वस्थ वित्तीय प्रदर्शन बनाए रखा।
चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद कंपनी का निर्यात कारोबार स्थिर रहा। दक्षिण कोरिया, जापान और ब्राज़ील जैसे नए बाजारों में बढ़ते अवसरों तथा यूरोप और अमेरिका में मजबूत उपस्थिति के कारण कुल बिक्री में निर्यात की हिस्सेदारी 11% पर बनी रही।
कुल बिक्री में घरेलू/निर्यात हिस्सेदारी
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भौगोलिक क्षेत्र
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वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही
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वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही
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वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही
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घरेलू
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89%
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91%
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93%
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निर्यात
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11%
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9%
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7%
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वित्तीय प्रदर्शन सारांश (₹ करोड़ में)
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विवरण
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वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही
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वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही
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परिवर्तन (वार्षिक आधार पर)
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वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही
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परिवर्तन (तिमाही आधार पर)
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एसएस बक्री (एमटी)
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5,80,805
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6,26,252
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-7.3%
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6,41,743
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-9.5%
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शुद्ध राजस्व
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11,279
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10,207
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10.5%
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11,337
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-0.5%
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एबिट्डा
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1,329
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1,310
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1.5%
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1,455
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-8.6%
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पीएटी
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769
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715
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7.6%
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834
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-7.9%
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अन्य विकास
1. सस्टेनेबिलिटी और ईएसजी
- हिसार संयंत्र में ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन तीव्रता में 12% की कमी दर्ज की गई। स्कोप 1 एवं स्कोप 2 उत्सर्जन तीव्रता घटकर 0.65 टन CO₂e प्रति टन हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 0.74 टन CO₂e प्रति टन थी।
- हिसार संयंत्र में 8,500 एनएम³/घंटा क्षमता वाले ऊर्जा दक्ष सेंट्रीफ्यूगल कंप्रेसर तथा वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम चालू कर परिचालन आधारित कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की गई।
- जाजपुर कोल्ड रोलिंग मिल में उच्च उत्सर्जन दक्षता वाली रिफ्रैक्टरी कोटिंग लागू की गई तथा चुनिंदा परिचालन प्रक्रियाओं में एलपीजी/प्रोपेन के स्थान पर प्राकृतिक गैस के उपयोग की दिशा में पहल शुरू की गई, जिससे उत्सर्जन में कमी और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
2. मार्केटिंग और ब्रांडिंग
- कंपनी के सह-ब्रांडेड कार्यक्रम ‘जिंदल साथी’ का विस्तार किचनवेयर एवं सिंक श्रेणी तक किया गया, जिससे पाइप्स एवं ट्यूब्स सहित कुल साझेदारों की संख्या बढ़कर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 198 हो गई।
- जिंदल साथी लॉयल्टी प्रोग्राम के तहत 1 लाख से अधिक फैब्रिकेटर्स और रिटेलर्स को जोड़ा गया तथा प्रति माह 5.2 लाख से अधिक क्यूआर स्कैन दर्ज किए गए।
3. अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) तथा व्यावसायिक विकास
- विभिन्न ग्राहक वर्गों के लिए नए स्टेनलेस स्टील समाधान विकसित किए गए। इनमें जल शोधक (वॉटर प्यूरीफायर) के लिए विशेष ऑस्टेनिटिक ग्रेड, माइक्रोवेव ओवन के लिए फेरिटिक ग्रेड तथा रेज़र ब्लेड एवं प्रोफेशनल नाइफ के लिए विशेष मार्टेनसिटिक ग्रेड शामिल हैं।
- ग्राहक मूल्य सृजन और दीर्घकालिक व्यावसायिक विकास को ध्यान में रखते हुए उत्पाद एवं मिश्रधातु विकास, प्रक्रिया एवं उत्पादकता सुधार, सस्टेनेबिलिटी एवं सर्कुलैरिटी तथा सिमुलेशन, मॉडलिंग एवं डेटा साइंस पर आधारित बहुवर्षीय अनुसंधान एवं विकास रोडमैप तैयार किया गया।
- परिवहन एवं मोबिलिटी अनुप्रयोगों के लिए उच्च क्षमता वाले स्टेनलेस स्टील ग्रेड्स पर फैब्रिकेशन अध्ययन और परीक्षण आगे बढ़ाए गए, साथ ही ऊर्जा तथा प्रोसेस उद्योगों के लिए विशेष निकल-आधारित मिश्रधातुओं पर कास्टिंग एवं रोलिंग परीक्षण जारी रहे।
4. स्टेनलेस अकादमी के माध्यम से श्रेणी जागरूकता, कौशल विकास एवं पक्षसमर्थन संबंधी पहल
- सात राज्यों में 77 फैब्रिकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम (एफटीपी) आयोजित कर 3,714 स्वतंत्र फैब्रिकेटर्स को प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ स्टेनलेस अकादमी के माध्यम से प्रशिक्षित फैब्रिकेटर्स की कुल संख्या बढ़कर 80,000+ हो गई।
- विशेष औद्योगिक फैब्रिकेटर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 80 से अधिक फैब्रिकेटर्स, एमएसएमई, वेल्डर्स एवं ठेकेदारों की तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ किया गया।
- आठ प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में स्टेनलेस स्टील ऐच्छिक पाठ्यक्रम संचालित कर 501 इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया। अब तक इस पहल से 2,000 से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं।
- ओडिशा और हरियाणा के चार सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में तकनीकी शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से 100 डिप्लोमा इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षित किया गया। अब तक इस पहल से 8,700 से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं।
- जिंदल स्टेनलेस ने प्राइसवाटरहाउसकूपर्स इंडिया (पीडब्ल्यूसी) के साथ मिलकर भारत का पहला स्टेनलेस स्टील क्षेत्रीय ट्रेनिंग नीड असेसमेंट (टीएनए) अध्ययन कराया। इस अध्ययन ने उद्योग में कौशल अंतराल, भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं तथा स्टेनलेस अकादमी जैसी उद्योग-आधारित कौशल पहलों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
5. डिजिटलीकरण संबंधी पहल
- हिसार संयंत्र में प्रोडक्शन प्लानिंग एंड डीटेल्ड शेड्यूलिंग (पीपीडीएस) प्लेटफॉर्म को और सुदृढ़ किया गया। परिचालन एवं गुणवत्ता टीमों में इसका उपयोग 100% तथा योजना विभाग में 90% से अधिक रहा।
- ग्राहकों तक पहली बार में ही गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टोटल प्रोसेस क्वालिटी कंट्रोल (टीपीक्यूसी) तथा प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स के उपयोग को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन माहौल में रही। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिदृश्य लगातार बदलता रहा। इन परिस्थितियों के बावजूद हमारा घरेलू कारोबार मजबूत बना रहा। इसका आधार प्रमुख उपभोक्ता क्षेत्रों से लगातार बनी मांग, मूल्यवर्धित उत्पादों पर हमारा निरंतर ध्यान, परिचालन उत्कृष्टता तथा अनुशासित कार्यान्वयन रहा। यह तिमाही नवाचार, डिजिटलीकरण और सतत विकास पर हमारे निरंतर निवेश के माध्यम से कंपनी की दीर्घकालिक क्षमता को और सुदृढ़ करने की दिशा में हुई प्रगति को भी दर्शाती है।”
“भारत में स्टेनलेस स्टील की खपत में दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाएँ लगातार मजबूत बनी हुई हैं, जिन्हें आधारभूत संरचना, विनिर्माण क्षेत्र और शहरीकरण का विस्तार गति दे रहा है। निकट भविष्य में कुछ अनिश्चितताएँ बनी रह सकती हैं, लेकिन हमें अपने मूल्यवर्धित उत्पाद पोर्टफोलियो को और सशक्त बनाने, ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारियाँ मजबूत करने, वैश्विक उपस्थिति को रणनीतिक रूप से विस्तार देने तथा विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की अपनी रणनीति पर पूरा भरोसा है।”







