Greater Noida: एवियो स्मार्ट मार्केट स्टैक लिमिटेड (पूर्व में बार्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड) ने अपने स्केलेबल डायग्नोस्टिक्स एवं हेल्थकेयर व्यवसाय के निर्माण की रणनीति के तहत हैदराबाद स्थित मेडिसिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एमआईएमएस) के साथ रणनीतिक चर्चाएं शुरू की हैं। इन चर्चाओं का उद्देश्य अनुसंधान सहयोग, क्लीनिकल वैलिडेशन और उन्नत मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक तकनीकों को अपनाने के अवसरों का पता लगाना है। इस दौरान कंपनी की रणनीतिक मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स साझेदार हुवेल लाइफसाइंसेज ने अपनी स्वदेशी डायग्नोस्टिक तकनीकों और मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में चल रहे नवाचारों का प्रदर्शन किया।
इन चर्चाओं में नेतृत्व टीमों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और अकादमिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि नवीन मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक समाधान किस प्रकार रोगों की पहचान को मजबूत कर सकते हैं, क्लीनिकल निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बना सकते हैं और देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के परिणामों को सुदृढ़ कर सकते हैं।
हुवेल लाइफसाइंसेज ने अपने व्यापक स्वदेशी मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक पोर्टफोलियो का प्रदर्शन किया, जिसमें तपेदिक (टीबी), मल्टी-ड्रग रेसिस्टेंट टीबी (एमडीआर-टीबी), सेप्सिस, एचपीवी स्क्रीनिंग, हेपेटाइटिस, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) डिटेक्शन, श्वसन संबंधी रोगों तथा पर्यावरणीय निगरानी के लिए विकसित समाधान शामिल हैं। कंपनी ने असे डेवलपमेंट, रिएजेंट निर्माण, इंस्ट्रूमेंटेशन, सॉफ्टवेयर और डेटा प्रबंधन को शामिल करने वाले अपने एकीकृत डायग्नोस्टिक्स प्लेटफॉर्म को भी प्रस्तुत किया, जिसे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए किफायती और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
चर्चाओं का मुख्य फोकस सहयोगात्मक अनुसंधान, क्लीनिकल वैलिडेशन अध्ययन, रियल-वर्ल्ड एविडेंस तैयार करने तथा मेडिसिटी के स्वास्थ्य सेवा तंत्र में हुवेल की तकनीकों को अपनाने और लागू करने की संभावनाओं पर रहा। दोनों संस्थानों ने चयनित विभागों में पायलट कार्यक्रम और उत्पाद मूल्यांकन की संभावनाओं पर भी विचार किया, ताकि नियमित डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं पर इनके प्रभाव का आकलन किया जा सके।
मेडिसिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को उसकी मजबूत क्लीनिकल विशेषज्ञता, अकादमिक नेतृत्व, उच्च रोगी संख्या और शोध अवसंरचना के कारण एक रणनीतिक साझेदार के रूप में पहचाना गया, जो वैज्ञानिक सहयोग, उत्पाद मूल्यांकन, साक्ष्य निर्माण और भविष्य की स्वास्थ्य नवाचार पहलों को समर्थन प्रदान कर सकता है।
इस अवसर पर एवियो स्मार्ट मार्केट स्टैक के प्रबंध निदेशक विद्यसागर रेड्डी ने कहा, “एएसएमएस ने हुवेल लाइफसाइंसेज के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से एक स्केलेबल डायग्नोस्टिक्स एवं हेल्थकेयर व्यवसाय विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता दिखाई है। वैज्ञानिक वैलिडेशन महत्वपूर्ण है, लेकिन हमारा लक्ष्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से इन तकनीकों के वास्तविक उपयोग को तेज करना भी है। मेडिसिटी के साथ यह जुड़ाव अनुसंधान सहयोग, क्लीनिकल मूल्यांकन और विभिन्न स्वास्थ्य अनुप्रयोगों में हुवेल के समाधानों की संभावित तैनाती के अवसर प्रदान करता है।”
हुवेल लाइफसाइंसेज के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. शेशीर कुमार ने कहा, “स्वास्थ्य सेवा नवाचार का भविष्य तकनीक डेवलपर्स, चिकित्सकों और शोध संस्थानों के बीच घनिष्ठ सहयोग पर निर्भर करता है। मेडिसिटी की मजबूत शोध क्षमताएं और क्लीनिकल विशेषज्ञता इसे वैज्ञानिक वैलिडेशन को आगे बढ़ाने और वास्तविक स्वास्थ्य परिवेश में नवोन्मेषी डायग्नोस्टिक्स के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक आदर्श साझेदार बनाती हैं। हमें ऐसे अवसरों की तलाश का इंतजार है जो बेहतर रोगी परिणामों और मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों में योगदान दे सकें, साथ ही नियमित क्लीनिकल प्रैक्टिस में उन्नत मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स को व्यापक रूप से अपनाने में सहायता कर सकें।”
यह पहल स्वास्थ्य नवाचार कंपनियों और अकादमिक चिकित्सा संस्थानों के बीच सहयोग के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है, जो अगली पीढ़ी की डायग्नोस्टिक तकनीकों के विकास, वैलिडेशन, अपनाने और व्यावसायीकरण को गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही यह भारत की बदलती सार्वजनिक स्वास्थ्य और क्लीनिकल जरूरतों को पूरा करने में स्वदेशी स्वास्थ्य नवाचारों की बढ़ती भूमिका को भी उजागर करती है।
अपनी डायग्नोस्टिक्स एवं हेल्थकेयर विकास रणनीति के तहत एएसएमएस स्वास्थ्य संस्थानों, सरकारी कार्यक्रमों, शोध संगठनों और उद्योग हितधारकों के साथ साझेदारी के माध्यम से उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीकों के लिए बाजार पहुंच चैनलों का निर्माण कर रही है। हुवेल लाइफसाइंसेज के साथ साझेदारी के जरिए कंपनी भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्वदेशी डायग्नोस्टिक समाधानों के वैलिडेशन, अपनाने, खरीद और बड़े पैमाने पर तैनाती को गति देने की दिशा में कार्य कर रही है।







