New Delhi: पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति घोषणा में शुरू की गई स्वैप सुविधा के बाद अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बाजार में प्रवेश करने वाली पहली केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (सीपीएसयू) तथा पहली एनबीएफसी बन गई है।
पीएफसी, महारत्न सीपीएसयू और भारत के विद्युत क्षेत्र की अग्रणी एनबीएफसी ने रेग-एस मार्ग के तहत 5 वर्ष की अवधि वाले 300 मिलियन यूएसडी के सीनियर अप्रतिभूत यूएसडी-नामित बॉन्ड सफलतापूर्वक जारी किए हैं, जिसका मूल्य निर्धारण 5-वर्षीय यूएस ट्रेजरी बेंचमार्क पर 105 बेसिस बिंदुओं पर किया गया है तथा इसका निश्चित कूपन 5.32% प्रति वर्ष है। इस इश्यू को निवेशकों से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली और यूरोप तथा एशिया के निवेशकों ने इसमें व्यापक एवं सक्रिय भागीदारी दिखाई।
इस बॉन्ड इश्यू को मूडीज़ द्वारा Baa3, फिच द्वारा BBB- तथा केयरएज द्वारा BBB+ रेटिंग प्रदान की गई है। बॉन्ड से प्राप्त राशि का उपयोग विद्युत एवं इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों को ऋण प्रदान करने तथा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
बॉन्ड इश्यू की सफलता पर टिप्पणी करते हुए पीएफसी की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्रीमती परमिंदर चोपड़ा ने कहा कि “मुझे प्रसन्नता है कि आरबीआई द्वारा स्वैप सुविधा शुरू किए जाने के बाद पीएफसी अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बाज़ार में प्रवेश करने वाली पहली सीपीएसयू बनी है। यह निर्गम भारत सरकार के देश में विदेशी पूंजी आकर्षित करने के व्यापक उद्देश्य को समर्थन प्रदान करता है। यह सौदा पीएफसी के व्यवसाय, उसकी मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल तथा भारतीय विद्युत क्षेत्र की विकास गाथा में निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।”







