Bharat Neeti

भारत नीति

Be Ahead With Economy And Policy Updates

Search
Close this search box.

भारत नीति

Be Ahead With Economy And Policy Updates

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने स्वदेशी रूप से विकसित सेफ्टी एवं डेटोनेशन डिवाइस भारतीय नौसेना को सौंपी

A defining milestone in Naval weapon-system indigenisation under Aatmanirbhar Bharat

नई दिल्ली: भारत की अग्रणी स्वदेशी रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हथियार निर्माण कंपनियों में से एक अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (एएमएस) ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने 30 जुलाई 2026 को आयोजित एक समारोह में भारतीय नौसेना को स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित सेफ्टी एंड डेटोनेशन डिवाइस (एसडीडी) औपचारिक रूप से सौंप दिया। यह समारोह भारतीय नौसेना के महानिदेशक नौसेना निरीक्षण (डीजीएनएआई) रियर एडमिरल रूपक बरुआ, वीएसएम की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी तथा अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड की नेतृत्व टीम भी मौजूद रही।

एसडीडी का हस्तांतरण इसके डिजाइन, विकास, योग्यता परीक्षण और सत्यापन की कठोर प्रक्रिया के सफल समापन का प्रतीक है। कंपनी के अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय उद्योग को जब किसी हथियार प्रणाली के सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा-संबंधी घटकों की जिम्मेदारी दी जाती है, तो वह उन्हें सफलतापूर्वक विकसित करने में सक्षम है।

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बद्दम करुणाकर रेड्डी ने कहा, “सेफ्टी एंड डेटोनेशन डिवाइस वह प्रणाली है, जहां इंजीनियरिंग और पूर्ण जिम्मेदारी का मेल होता है तथा त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं होती। भारतीय नौसेना को इस पूरी तरह स्वदेशी और पूरी तरह प्रमाणित प्रणाली का हस्तांतरण अपोलो परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए गर्व का क्षण है। हम भारतीय नौसेना के विश्वास और सहयोग के लिए आभारी हैं तथा इसे देश के लिए स्वदेशी हथियार सुरक्षा एवं आर्मिंग प्रौद्योगिकियों की दिशा में एक लंबी यात्रा की शुरुआत मानते हैं।”

कंपनी ने बताया कि सेफ्टी आर्मिंग डिवाइस किसी भी आधुनिक आयुध का सबसे महत्वपूर्ण उप-प्रणाली है। यह सुनिश्चित करती है कि आयुध भंडारण, हैंडलिंग, परिवहन और प्रक्षेपण के दौरान पूरी तरह सुरक्षित रहे तथा केवल निर्धारित सभी शर्तें पूरी होने पर ही सक्रिय हो। समुद्री वातावरण में झटके, कंपन, आर्द्रता, खारे वातावरण और तीव्र विद्युत-चुंबकीय परिस्थितियों के बीच इसकी विश्वसनीयता प्लेटफॉर्म, चालक दल और हथियार के प्रदर्शन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

कंपनी के अनुसार, कई दशकों तक इस प्रकार की महत्वपूर्ण प्रणालियां मुख्य रूप से आयात के माध्यम से उपलब्ध थीं, जिससे लागत, उपलब्धता, अप्रचलन और निर्यात प्रतिबंध जैसी चुनौतियां जुड़ी रहती थीं। ऐसे में सेफ्टी आर्मिंग तकनीक में स्वदेशी क्षमता हासिल करना केवल इंजीनियरिंग उपलब्धि नहीं, बल्कि एक रणनीतिक क्षमता भी है, जो भारतीय नौसेना के हथियार भंडार की परिचालन तैयारी और दीर्घकालिक उपलब्धता को मजबूत करती है।

एएमएस ने भारतीय नौसेना की टीमों के साथ मिलकर एसडीडी को अवधारणा से लेकर पूर्ण रूप से प्रमाणित और उत्पादन-योग्य प्रणाली के रूप में विकसित किया। कंपनी के अनुसार, इस डिवाइस को अंतरराष्ट्रीय फ्यूज सुरक्षा डिजाइन सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया गया तथा इसका व्यापक सत्यापन किया गया। इसमें वैश्विक फ्यूज सुरक्षा एवं आर्मिंग सिद्धांतों के अनुरूप डिजाइन, स्वतंत्र एवं बहु-स्तरीय सुरक्षा इंटरलॉक, व्यापक पर्यावरणीय योग्यता परीक्षण, यांत्रिक झटके, कंपन, अत्यधिक तापमान, आर्द्रता और समुद्री परिस्थितियों में परीक्षण, जहाज एवं पानी के भीतर उपयोग होने वाले हथियारों के अनुरूप विद्युत-चुंबकीय अनुकूलता एवं हस्तक्षेप परीक्षण, तथा व्यापक कार्यात्मक, सहनशीलता एवं सुरक्षा परीक्षण के साथ भारतीय नौसेना द्वारा संयुक्त मूल्यांकन एवं स्वीकृति परीक्षण शामिल रहे।

कंपनी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उसने भारतीय नौसेना के साथ मिलकर परिचालन आवश्यकताओं को एक प्रमाणित और उत्पादन-तैयार स्वदेशी समाधान में परिवर्तित किया, जो स्वावलंबन ढांचे के तहत उद्योग–नौसेना सहयोग का उदाहरण है।

कंपनी के अनुसार, यह हस्तांतरण भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण को रक्षा क्षेत्र की अत्यधिक संवेदनशील तकनीकों में साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक स्वदेशी सुरक्षा-संबंधी उप-प्रणाली देश की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करती है, आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाती है और भविष्य के लिए स्वदेशी औद्योगिक आधार तैयार करती है।

एएमएस ने कहा कि एसडीडी के माध्यम से कंपनी ने सुरक्षा एवं आर्मिंग प्रौद्योगिकियों में प्रमाणित क्षमता स्थापित की है, जिसका उपयोग नौसेना तथा तीनों सेनाओं के विभिन्न आयुधों, पानी के भीतर उपयोग होने वाले हथियारों, मिसाइलों और निर्देशित आयुधों में किया जा सकता है। कंपनी को उम्मीद है कि इस स्वदेशीकरण की सफलता के परिणामस्वरूप उत्पादन आदेशों और आगामी कार्यक्रमों का मजबूत अवसर मिलेगा, क्योंकि भारतीय नौसेना और अन्य उपयोगकर्ता चरणबद्ध तरीके से अपने हथियार भंडार में स्वदेशी सुरक्षा एवं आर्मिंग समाधानों को शामिल करेंगे। कंपनी ने कहा कि वह अपनी डिजाइन क्षमता, विनिर्माण अवसंरचना और गुणवत्ता प्रणालियों के बल पर एसडीडी तथा इसके अन्य संस्करणों के बड़े पैमाने पर उत्पादन और पूरे जीवनचक्र के दौरान समर्थन के लिए पूरी तरह तैयार है।

You are warmly welcomed to India’s first On-Demand News Platform. We are dedicated to fostering a democracy that encourage diverse opinions and are committed to publishing news for all segments of the society. If you believe certain issues or news stories are overlooked by mainstream media, please write to us. We will ensure your news is published on our platform. Your support would be greatly appreciated if you could provide any relevant facts, images, or videos related to your issue.

Contact Form

Newsletter

Recent News

Follow Us

Related News

#RECPDCL

आरईसीपीडीसीएल ने भड़ला रामगढ़ पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और शोंगटोंग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को टेरालाइट सोलर एनर्जी तिनवारी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा