नई दिल्ली: Yatra Online Limited {BSE: 543992 & NSE: YATRA} ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा की। कंपनी भारत की सबसे बड़ी कॉरपोरेट ट्रैवल सर्विसेज प्रदाता और प्रमुख OTA कंपनियों में देश की तीसरी सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी है।

FY26 बिजनेस हाइलाइट्स:
यात्रा ने कुछ बड़े मैक्रो आर्थिक दबावों के बावजूद अपने इतिहास का सबसे अधिक लाभदायक वर्ष दर्ज किया, जिनका असर साल के 12 महीनों में से 3 महीनों पर पड़ा।
- सालाना ग्रॉस मार्जिन (RLSC) 24.5% बढ़कर 4,824 मिलियन रुपये रहा, जो संशोधित 22.5% गाइडेंस से अधिक रहा।
- एडजस्टेड EBITDA 917 मिलियन रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 37.5% की वृद्धि है। वहीं EBITDA बढ़कर 855 मिलियन रुपये पहुंचा, जो 53.2% की सालाना वृद्धि दर्शाता है।
- PAT बढ़कर 468 मिलियन रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 28.1% की वृद्धि है। कंपनी के अनुसार, Q3 में नए वेज कोड लागू होने से PAT वृद्धि प्रभावित हुई। इसके प्रभाव को हटाने पर सालाना PAT 506 मिलियन रुपये होता, जो 38.5% की वृद्धि दर्शाता।
Q4-FY26 बिजनेस हाइलाइट्स:
युद्ध से जुड़े माहौल के कारण आई बाधाओं के बावजूद यात्रा ने मजबूत परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया।
- ग्रॉस बुकिंग्स में 8.3% की सालाना वृद्धि हुई।
- ग्रॉस मार्जिन 3.6% बढ़ा।
- कुल ट्रांजैक्शंस में 15.2% की सालाना वृद्धि हुई।
- एयर पैसेंजर्स की संख्या 9.6% बढ़ी, जो उद्योग वृद्धि दर से लगभग दोगुनी रही और इससे कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़ने का संकेत मिला।
- कॉरपोरेट बिजनेस ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी और तिमाही के दौरान 55 नए कॉरपोरेट ग्राहक जोड़े। इनसे सालाना बिल योग्य संभावनाएं 2,709 मिलियन रुपये की रहीं। यह Q3 में 40 डील्स और 2,234 मिलियन रुपये के मुकाबले बेहतर रहा।
हालांकि, युद्ध से जुड़े व्यवधान का असर कंपनी के MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज एंड एग्जीबिशन्स) बिजनेस पर पड़ा, खासकर अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट ग्रुप ट्रैवल में। Q4 की कई बुकिंग्स या तो रद्द हुईं या FY27 के लिए टाल दी गईं।







