New Delhi: एसजेवीएन लिमिटेड एक अग्रणी नवरत्न सीपीएसई ने आज अपनी 38वीं वार्षिक आम बैठक का आयोजन अपने कारपोरेट मुख्यालय, शिमला से वीसी /ओएवी के माध्यमों से किया।
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, भूपेंद्र गुप्ता ने निदेशक (कार्मिक), अजय कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त), पार्थजीत डे, निदेशक (परियोजनाएं), राजेश कुमार चंदेल, अपर सचिव विद्युत मंत्रालय एवं नामित निदेशक भारत सरकार, दिवाकर नाथ मिश्रा, स्वतंत्र निदेशक, आरती कुजूर, भारत के राष्ट्रपति के प्रतिनिधि, निदेशक (हाइड्रो) विद्युत मंत्रालय, संतोष कुमार, संयुक्त सचिव एमपीपी एवं पावर, हिमाचल प्रदेश सरकार एवं हि.प्र. के राज्यपाल के प्रतिनिधि, रमन घरसंघी तथा कंपनी सचिव, सौमेंद्र दास की उपस्थिति में शेयरधारकों को संबोधित किया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की प्रचालन, वित्तीय और रणनीतिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में, भूपेंद्र गुप्ता ने अवगत कराया कि एसजेवीएन के लिए वित्तीय वर्ष 2025–26 रिकॉर्ड विद्युत उत्पादन, महत्वपूर्ण क्षमतागत वृद्धि और प्रमुख विद्युत परियोजनाओं की कमीशिनिंग का वर्ष रहा है। एसजेवीएन और इसकी अधीनस्थ कंपनियों ने 1730 मेगावाट की स्थापित क्षमतागत वृद्धि की और सभी प्रचालनरत विद्युत स्टेशनों से 13302.390 मिलियन यूनिट का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन हासिल किया। एसजेवीएन के सर्वोत्कृष्ट 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने अपनी कमीशनिंग के बाद से कुल 150 बिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि को पार करके प्रचालन उत्कृष्टता में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस स्टेशन ने 96.84% का प्रभावी संयंत्र उपलब्धता फैक्टर हासिल किया। रामपुर जलविद्युत स्टेशन(412 मेगावाट) ने भी 2108 मिलियन यूनिट का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया, जबकि 60 मेगावाट नैटवाड़ मोरी जलिवद्युत स्टेशन ने 265.5 मिलियन यूनिट की डिज़ाइन ऊर्जा को पार करते हुए इससे लगभग 17 प्रतिशत अधिक 310.36 मिलि यन यूनिट का विद्युत उत्पादन किया है।
भूपेंद्र गुप्ता ने आगे बताया कि एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान सुदृढ़ वित्तीय निष्पादन किया है। समेकित आधार पर, राजस्व गत वर्ष के ₹3,376.50 करोड़ से बढ़कर ₹4,722.81 करोड़ हो गया, जबकि कर पूर्व लाभ ₹1,111.69 करोड़ से बढ़कर ₹1,200.63 करोड़ हो गया। समेकित कर पश्चात लाभ ₹641.85 करोड़ रहा। स्टैंडएलोन आधार पर, कुल आय ₹3,252.44 करोड़ से बढ़कर ₹3,869.66 करोड़ हो गई, जबकि कर पश्चात लाभ गत वर्ष के ₹970.18 करोड़ से बढ़कर ₹1,007.90 करोड़ हो गया। वर्ष के दौरान पहले ही भुगतान किए गए प्रति इक्विटी शेयर ₹1.15 के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त, प्रति शेयर ₹0.35 के अंतिम लाभांश को मंजूरी प्रदान की गई, जो है, इस प्रकार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल लाभांश ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर हो गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में एसजेवीएन के विद्युत उत्पादन पोर्टफोलियो के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए, श्री भूपेंद्र गुप्ता ने अवगत करवाया कि वर्ष के दौरान 1,000 मेगावाट बीकानेर सौर विद्युत परियोजना ने अपनी पूरी क्षमता के साथ वाणिज्यिक प्रचालन हासिल किया और बहुत कम समय में एक बिलियन यूनिटों से अधिक का संचित विद्युत उत्पादन पार किया। असम में 70 मेगावाट धुबरी सौर विद्युत परियोजना को भी कमीशन किया गया। 1320 मेगावाट के बक्सर ताप विद्युत परियोजना द्वारा एक और उपलब्धि हासिल की गई, जहाँ एसजेवीएन ने बड़े पैमाने पर ताप विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में प्रवेश करते हुए 660 मेगावाट की यूनिट-I ने वाणिज्यिक प्रचालन हासिल किया। परियोजना की 660 मेगावाट की यूनिट-II भी अग्रिमावस्था में है और इसके शीघ्र ही कमीशन होने की संभावना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में एसजेवीएन की निर्माणाधीन परियोजनाओं की निर्माण गतिविधियों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। नेपाल में 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना में सिविल, हाइड्रो-मैकेनिकल, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल और ट्रांसमिशन कार्यों में पर्याप्त प्रगति हुई, जिससे यह परियोजना पूर्णता के समीप पहुँच गई है। वर्ष 2025-26 में चुनौतियों के बावजूद 382 मेगावाट सुन्नी बांध, 210 मेगावाट लूहरी स्टेज-I और 69.50 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजनाओं की निर्माण गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल हुई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, एसजेवीएन के निष्पादन और जन-केंद्रित प्रथाओं को भी विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर मान्यता हासिल हुई है। कंपनी को मानव संसाधन प्रबंधन में स्कोप एमिनेंस अवॉर्ड, राजभाषा प्रभा अवॉर्ड, नेशनल क्लीन इंडस्ट्री अवॉर्ड्स 2025 और स्वच्छता पखवाड़ा अवॉर्ड्स 2025 से सम्मानित किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, एसजेवीएन ने कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व और सततशील विकास गतिविधियों पर ₹30.72 करोड़ का व्यय किया। एसजेवीएन फाउंडेशन माध्यम से, कंपनी ने विशेष रूप से अपने परियोजना क्षेत्रों और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण संरचनाओं और सामुदायिक विकास आदि जैसे शीर्षों में पहलों को जारी रखा है। कंपनी ने कारपोरेट अभिशासन के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जारी रखा है और डीपीई के तहत ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग को सफलतापूर्वक कायम रखा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान निष्पादन को साझा करते हुए, श्री भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि एसजेवीएन ने बिहार में 75 मेगावाट जमुई सौर ऊर्जा परियोजना की सफलतापूर्वक कमीशनिंग के साथ अपने पोर्टफोलियो में 75 मेगावाट की स्थापित क्षमता की वृदधि की है। अब एसजेवीएन प्रचालनात्मक पोर्टफोलियो 4271.50 मेगावाट हो गया है।
भूपेंद्र गुप्ता ने भारत सरकार, राज्य सरकारों, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों, शेयरधारकों और सहयोगी संस्थानों का उनके निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी हितधारकों का भी धन्यवाद किया और कंपनी की वास्तविक ताकत के रूप में निदेशक मंडल एवं एसजेवीएन कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने और वर्ष 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के भारत के लक्ष्य में योगदान देने के लिए एसजेवीएन की प्रतिबद्धता को दोहराया।








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