नई दिल्ली: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) और सितंबर 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उत्पादन, विक्रय और दक्षता के मानकों पर अब तक के कई सर्वश्रेष्ठ कीर्तिमान हासिल किए हैं। प्रचालन उत्कृष्टता, हाई-एंड इस्पात उत्पादन और वित्तीय अनुशासन पर कंपनी के फोकस के चलते सतत वृद्धि हुई और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हुआ।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही की संचयी अवधि के दौरान, SAIL ने हॉट मेटल, क्रूड स्टील और फिनिश्ड स्टील का अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन क्रमशः 10.2 मिलियन टन, 9.6 मिलियन टन और 8.39 मिलियन टन दर्ज किया, जिसमें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में क्रमशः 2%, 1% और 1% की वृद्धि दर्ज की गई। इसी के साथ कुल विक्रेय इस्पात उत्पादन में फिनिश्ड स्टील उत्पादन की हिस्सेदारी बढ़कर 89.2% हो गई, जो अप्रैल-सितंबर 2025 में 86.8% थी।
नेट सेल्स रियलाइजेशन (NSR) बढ़ाने वाले उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, SAIL ने अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 30% की वृद्धि दर्ज करते हुए, अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ लगभग 2 मिलियन टन हाई-एंड इस्पात उत्पादन किया है। कंपनी ने लौह अयस्क उत्पादन और लौह अयस्क विक्रय दोनों में ही अप्रैल-सितंबर के दौरान अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया; जहां लौह अयस्क उत्पादन में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 13% की वृद्धि हुई, वहीं इसी अवधि के दौरान लौह अयस्क विक्रय 190% की बढ़ोत्तरी के साथ 2.671 मिलियन टन हो गया। इस अवधि के दौरान, भारतीय रेलवे को लॉन्ग रेल्स (Long rails) और व्हील्स एंड एक्सेल की आपूर्ति में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में क्रमशः 7% और 3% की वृद्धि हुई।
कंपनी की तकनीकी-आर्थिक (Techno-Economic) मोर्चे पर, विशिष्ट ऊर्जा खपत बेहतर होकर 6.17 G.Cal/tcs हो गई, जिसने 0.5% सुधार के साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ छ्माही प्रदर्शन दर्ज किया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में, कंपनी ने लगभग 0.145 MT इन्वेंट्री में कमी की और इस अवधि के दौरान लगभग ₹1,080 करोड़ की उधारी कम की।
SAIL द्वारा सितंबर 2026 में, मार्केटिंग की दिशा में संगठित फोकस और दक्षता में सुधार के चलते ठोस परिणाम मिले, जिससे कंपनी ने 1.69 मिलियन टन की अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ सितंबर विक्रेय इस्पात बिक्री हासिल की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4% अधिक है। कंपनी के विशिष्ट रिटेल ब्रांडेड उत्पाद, SAIL SeQR TMT बार्स ने 1.5 लाख टन से अधिक की अपनी उच्चतम बिक्री दर्ज की, जबकि टियर-II रिटेल बिक्री में साल-दर-साल (y-o-y) 3% की वृद्धिहुई। इस महीने में स्ट्रक्चरल्स, प्लेट मिल प्लेट्स और जीपी शीट्स/कॉइल्स जैसे विशिष्ट उत्पादों की भी सितंबर महीने की अब तक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की गई।
कंपनी के कुल विक्रेय इस्पात उत्पादन में फिनिश्ड स्टील उत्पादन का प्रतिशत बढ़कर 92% हो गया, जो सितंबर 2025 में 89% था। ईंधन दर (fuel rate) में सुधार होकर यह 551 kg/thm हो गई, जो 1% सुधार के साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ सितंबर प्रदर्शन है। कंपनी ने संचयी अप्रैल-सितंबर प्रदर्शन की तरह ही, लौह अयस्क उत्पादन और बिक्री दोनों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ सितंबर प्रदर्शन दर्ज किया। सितंबर 2025 की तुलना में लौह अयस्क उत्पादन में 8% की वृद्धि हुई, जबकि लौह अयस्क बिक्री 134% की भारी वृद्धि के साथ 0.492 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। कंपनी ने इस महीने के दौरान लगभग 0.192 मिलियन टन इन्वेंट्री में कमी और उधारी में लगभग ₹208 करोड़ की कमी की।
SAIL के सितंबर और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के परिणाम दक्षता, नवाचार और वित्तीय दूरदर्शिता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं, जिससे कंपनी चालू वित्त वर्ष के आगामी हिस्से के लिए मजबूत स्थिति में है।
इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, SAIL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, डॉ. ए.के. पंडा ने कहा, “वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही और सितंबर में ये रिकॉर्ड उपलब्धियां; दक्षता, नवाचार और टिकाऊ विकास के प्रति हमारे कार्यबल की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। SAIL की व्यापक उत्पादन क्षमता और उच्च-स्तरीय इस्पात पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के साथ, SAIL आने वाले महीनों में भारत की औद्योगिक प्रगति में और भी अधिक योगदान देने के लिए अच्छी स्थिति में है।”







