नई दिल्ली: एमव्वी फोटोवोल्टिक पावर लिमिटेड ने बुधवार को 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और छह महीनों के लिए अपने समेकित अलेखापरीक्षित वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (H1 FY27) में कंपनी का परिचालन से राजस्व 45.1% बढ़कर ₹3,131.9 करोड़ हो गया। EBITDA में 47.4% की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹1,105.0 करोड़ रहा, जबकि कर पश्चात लाभ (PAT) 79.1% बढ़कर ₹762.3 करोड़ हो गया।
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में कंपनी का परिचालन से राजस्व सालाना आधार पर 39.4% बढ़कर ₹1,576.4 करोड़ हो गया। वहीं, कर पश्चात लाभ (PAT) 60.6% बढ़कर ₹382.0 करोड़ रहा।
परिचालन और ऑर्डर बुक की प्रमुख बातें
- वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में सोलर पीवी मॉड्यूल का उत्पादन 952 मेगावाट रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में यह 682 मेगावाट था।
- सोलर सेल का उत्पादन पिछले वर्ष की समान तिमाही के 319 मेगावाट से बढ़कर 513 मेगावाट हो गया।
- वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में सोलर सेल की क्षमता का प्रभावी उपयोग 89% और मॉड्यूल की क्षमता का उपयोग 44% रहा।
- तिमाही के दौरान लगभग 1.5 गीगावाट के नए ऑर्डर मिलने से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक 10.4 गीगावाट रही।
30 सितंबर 2026 तक कंपनी के पास मॉड्यूल के लिए लगभग 10.3 गीगावाट और TOPCon सोलर सेल के लिए 2.94 गीगावाट की वार्षिक स्थापित क्षमता थी। एमव्वी एक प्रमुख एकीकृत मॉड्यूल और सेल निर्माता कंपनी है।
क्षमता विस्तार और एकीकरण
एमव्वी 6 गीगावाट की एकीकृत TOPCon मॉड्यूल और सेल विनिर्माण क्षमता के विस्तार की दिशा में काम कर रही है। संयंत्र चालू होने के बाद वाणिज्यिक बिक्री और क्षमता उपयोग में धीरे-धीरे वृद्धि होने की उम्मीद है।
कंपनी की योजना चरणबद्ध तरीके से 9 गीगावाट की इंगट और वेफर विनिर्माण क्षमता विकसित कर बैकवर्ड इंटीग्रेशन करने की भी है। इसमें वित्त वर्ष 2028-29 में 5 गीगावाट और वित्त वर्ष 2029-30 में अतिरिक्त 4 गीगावाट क्षमता शामिल है। यह योजना ALMM III के कार्यान्वयन की समयसीमा पर नियामकीय स्पष्टता और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
प्रस्तावित इंगट और वेफर परियोजना के लिए अनुमानित पूंजीगत व्यय ₹5,000-5,500 करोड़ है, जिसे मुख्य रूप से आंतरिक स्रोतों से जुटाने की उम्मीद है।
बैलेंस शीट और नकदी प्रवाह
30 सितंबर 2026 तक कंपनी का शुद्ध ऋण-इक्विटी अनुपात 0.12 गुना था। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में परिचालन गतिविधियों से शुद्ध नकदी प्रवाह ₹409.9 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में यह ₹120.7 करोड़ था। इस अवधि के दौरान वित्त लागत में कमी ने भी आय वृद्धि को समर्थन दिया।
एमव्वी फोटोवोल्टिक पावर लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डीवी मंजुनाथ ने कहा, “वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में हमारा प्रदर्शन कारोबार में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है। इसे लगातार बनी मांग, परिचालन दक्षता और एकीकृत विनिर्माण के लाभों से समर्थन मिला है।
हमारी 6 गीगावाट की एकीकृत TOPCon सोलर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण सुविधा विस्तार परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है। प्रमुख लागतों से संबंधित अधिकांश ऑर्डर पहले ही दिए जा चुके हैं। हमें उम्मीद है कि 6 गीगावाट की मॉड्यूल उत्पादन लाइन दिसंबर 2026 तक चालू हो जाएगी, जिसके बाद मार्च 2027 तक 6 गीगावाट की सेल उत्पादन लाइन चालू करने की योजना है।
वाणिज्यिक बिक्री संयंत्र के चालू होने के अनुरूप शुरू होगी और इसके बाद क्षमता उपयोग में धीरे-धीरे वृद्धि होगी। विस्तार परियोजना पूरी तरह चालू होने पर हमारी वार्षिक विनिर्माण क्षमता बढ़कर मॉड्यूल के लिए लगभग 16.3 गीगावाट और सेल के लिए 8.9 गीगावाट हो जाएगी।
यह बैकवर्ड इंटीग्रेशन को मजबूत करने, घरेलू स्रोतों से खरीद बढ़ाने, आपूर्ति शृंखला की मजबूती बढ़ाने और दीर्घकाल में कारोबार को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”







