नई दिल्ली: भारत की प्रमुख सूचीबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कंपनियों में से एक SPML Infra Limited को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (POWERGRID) से 186.41 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर 765/400/220 केवी भड़ला-III सबस्टेशन और रामगढ़ पूलिंग स्टेशन के विस्तार से संबंधित हैं।
765 केवी AIS एक्सटेंशन सबस्टेशन पैकेज SS-155T के तहत इस परियोजना में उच्च क्षमता वाले एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और विस्तार शामिल है। इससे भारत के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कॉरिडोर में से एक के बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
परियोजना का दायरा
इस पैकेज में भड़ला-III, रामगढ़ PS और कानपुर में ट्रांसमिशन सिस्टम के विस्तार के तहत दो एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशनों का विस्तार शामिल है।
765/400/220 केवी रामगढ़ पूलिंग स्टेशन का विस्तार: इसमें 765/400 केवी के 1500 MVA के 2 ICT बे, 400/220 केवी के 500 MVA के 2 ICT बे, 1 संख्या में 400 केवी लाइन बे और 2 संख्या में 220 केवी लाइन बे शामिल हैं।
765/400/220 केवी भड़ला-III सबस्टेशन का विस्तार: इसमें 400/220 केवी के 500 MVA के 5 ICT बे, 3 संख्या में 400 केवी लाइन बे और 5 संख्या में 220 केवी लाइन बे की क्षमता में वृद्धि शामिल है।
भड़ला और रामगढ़ सबस्टेशन पश्चिमी राजस्थान से उत्पादित बिजली के ट्रांसमिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पश्चिमी राजस्थान भारत के प्रमुख सौर और नवीकरणीय ऊर्जा केंद्रों में से एक है। इन सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ने से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय पावर ग्रिड से जोड़ने में मदद मिलेगी।
पावर ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो को मिलेगी मजबूती
यह ऑर्डर पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में SPML की उपस्थिति को और मजबूत करता है। कंपनी को सबस्टेशन, ट्रांसमिशन नेटवर्क और ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजनाओं के क्रियान्वयन का व्यापक अनुभव है। कंपनी ने 20,000 से अधिक गांवों को बिजली से जोड़ने में योगदान दिया है।
पावर ग्रिड के लिए एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशन का काम तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं की श्रेणी में आता है। यह ऑर्डर पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) क्षेत्र में SPML की इंजीनियरिंग और परियोजना क्रियान्वयन क्षमताओं को दर्शाता है।
यह ऑर्डर बिजली क्षेत्र में SPML की व्यापक रणनीति के अनुरूप भी है, जहां ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) मिलकर भारत के नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।







