नई दिल्ली: डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने आज घोषणा की कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के तहत भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने Zytorvi® (टोरिपालिमैब) को सिस्प्लैटिन और पैक्लिटैक्सेल के साथ मिलाकर वयस्क मरीजों में एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (ESCC) के शुरुआती उपचार के लिए मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी उन मरीजों के लिए है, जिनका कैंसर सर्जरी से नहीं निकाला जा सकता और जो एडवांस्ड, दोबारा उभरी हुई या मेटास्टेटिक अवस्था में है।
डॉ. रेड्डीज ने 2023 में जुनशी बायोसाइंसेज के साथ 21 देशों में टोरिपालिमैब के लाइसेंसिंग और व्यावसायीकरण के लिए समझौता किया था। वैश्विक स्तर पर टोरिपालिमैब को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA), यूरोपीय औषधि एजेंसी (EMA) और ब्रिटेन की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (MHRA) सहित विभिन्न नियामक संस्थाओं से मंजूरी मिल चुकी है।
विशेष रूप से, EMA ने PD-L1 अभिव्यक्ति की परवाह किए बिना ESCC के शुरुआती उपचार के लिए इस दवा को मंजूरी दी है। भारत में भी स्वीकृत संकेत के तहत मरीजों का चयन PD-L1 अभिव्यक्ति के आधार पर करना आवश्यक नहीं है। इससे बायोमार्कर की स्थिति की परवाह किए बिना उपयुक्त मरीजों को इस उपचार के लिए विचार में लिया जा सकता है।¹˒³
वर्ष 2024 में भारत में कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में एसोफेजियल कैंसर चौथे स्थान पर था। यह कैंसर से होने वाली कुल मौतों में लगभग 8.1 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार था। ESCC इसका प्रमुख उपप्रकार है, जो भारत में एसोफेजियल कैंसर के कुल मामलों में लगभग 80 प्रतिशत है। Zytorvi® के माध्यम से डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड का उद्देश्य भारत में एडवांस्ड ESCC से पीड़ित उपयुक्त मरीजों के लिए शुरुआती इम्यूनोथेरेपी की उपलब्धता बढ़ाना है।
इस मंजूरी को फेज-3 JUPITER-06 ट्रायल के परिणामों का समर्थन प्राप्त है। अध्ययन में टोरिपालिमैब को पैक्लिटैक्सेल और सिस्प्लैटिन के साथ देने से केवल कीमोथेरेपी की तुलना में बीमारी बढ़ने या मृत्यु का जोखिम 42 प्रतिशत कम हुआ।¹ अंतिम समग्र उत्तरजीविता विश्लेषण में टोरिपालिमैब और कीमोथेरेपी के संयोजन से इलाज कराने वाले मरीजों की औसत समग्र उत्तरजीविता 17.7 महीने रही, जबकि केवल कीमोथेरेपी लेने वाले मरीजों में यह 12.9 महीने थी। PD-L1 अभिव्यक्ति के विभिन्न उपसमूहों में भी चिकित्सकीय लाभ देखा गया।
डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के ग्लोबल जेनरिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रमण ने कहा, “नैसोफैरिंजियल कार्सिनोमा में Zytorvi® को मंजूरी मिलने के बाद, यह दूसरी स्वीकृत indication एडवांस्ड एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा से पीड़ित मरीजों तक इम्यूनोथेरेपी की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे चिकित्सकों को उपयुक्त मरीजों के लिए शुरुआती उपचार का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। हम अपने ऑन्कोलॉजी पोर्टफोलियो का विस्तार जारी रखते हुए महत्वपूर्ण चिकित्सकीय प्रगति को मरीजों तक पहुंचाने और नवीन उपचार विकल्पों की उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”







