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एशिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए LNG के दीर्घकालिक आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा कनाडा

कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद मई में भारत का LNG आयात बढ़ा
Image courtesy: IOCL

नई दिल्ली: एशिया की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा तेजी से विविध, विश्वसनीय और कम कार्बन उत्सर्जन वाली LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति पर निर्भर करेगी। पारंपरिक स्रोतों से आगे विकल्प तलाश रहे खरीदारों के बीच कनाडा एक संभावित दीर्घकालिक आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है। इसकी वजह एशियाई बाजारों से इसकी निकटता और अपेक्षाकृत कम कार्बन उत्सर्जन है।

कनाडा का LNG क्षेत्र विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। LNG Canada ने सितंबर 2026 में अपने दूसरे चरण के विस्तार के लिए अंतिम निवेश निर्णय (FID) लिया। इससे संयंत्र की क्षमता दोगुनी होकर 28 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (mmtpa) हो जाएगी और एशियाई बाजारों के लिए एक प्रमुख दीर्घकालिक आपूर्तिकर्ता बनने की कनाडा की संभावनाएं मजबूत होंगी। निर्माणाधीन Woodfibre और Cedar LNG परियोजनाओं के साथ कनाडा का लक्ष्य इस दशक के अंत तक 33 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष LNG का निर्यात करना है।

Ksi Lisims LNG जैसी परियोजनाओं को शामिल करने के बाद भी कनाडा, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ‘एनर्जी सुपरपावर’ रणनीति के तहत LNG निर्यात क्षमता को 100 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंचाने की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा से काफी पीछे है। इस बीच, LNG निवेश के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। अधिक से अधिक परियोजनाएं सीमित पूंजी हासिल करने और अंतिम निवेश निर्णय (FID) तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में वैश्विक LNG आपूर्ति के अगले चरण में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने का कनाडा का अवसर समय और पैमाने, दोनों लिहाज से सीमित हो सकता है।

इस संदर्भ में PETRONAS और Wood Mackenzie ने Energy Asia के सहयोग से एक श्वेतपत्र तैयार किया है। इसमें एशिया की बढ़ती LNG मांग में कनाडा की हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाओं का आकलन किया गया है। इसमें एशियाई खरीदारों और निवेशकों की बदलती जरूरतों को भी रेखांकित किया गया है। साथ ही, LNG निर्यातक देशों के लिए निवेश आकर्षित करने और नई परियोजनाओं को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए जरूरी परिस्थितियों पर जानकारी दी गई है।

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Source: Wood Mackenzie
“For Asian buyers, Canada offers something that is increasingly rare in global LNG markets: a combination of resource scale, Pacific Basin access and a short shipping routes,” said Joshua Ngu, Vice Chairman, Asia Pacific at Wood Mackenzie. “That is a compelling proposition. But buyers are also weighing cost, timeline and execution risk against alternatives that are already further advanced. Canada’s resource advantage is real, but realizing its full potential will depend on competitiveness, execution and timely project delivery.”

वैश्विक LNG बाजार में संरचनात्मक बदलाव

भू-राजनीतिक संकटों की बार-बार सामने आई घटनाओं ने सीमित स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता के जोखिमों को उजागर किया है। इसके चलते एशियाई खरीदार अपनी दीर्घकालिक LNG खरीद रणनीतियों की समीक्षा कर रहे हैं। परिणामस्वरूप, भौगोलिक क्षेत्रों, आपूर्तिकर्ताओं और कार्बन उत्सर्जन के स्तर के लिहाज से आपूर्ति में विविधता लाना क्षेत्र की सरकारों, बिजली कंपनियों और LNG खरीदारों की रणनीतिक प्राथमिकता बन गया है।

Wood Mackenzie के अनुसार, एशिया में LNG की मांग मौजूदा लगभग 260 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से दोगुनी होकर 2060 तक करीब 500 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो सकती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस भविष्य की मांग का एक बड़ा हिस्सा अभी दीर्घकालिक अनुबंधों के तहत तय नहीं हुआ है। इससे नए LNG आपूर्तिकर्ताओं के लिए दीर्घकालिक बाजार पहुंच हासिल करने के अवसर पैदा होते हैं।

दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में भविष्य में LNG की मांग में अधिकांश वृद्धि होने की उम्मीद है। ये क्षेत्र नई दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए प्रमुख गंतव्य बन सकते हैं। हालांकि, इन बाजारों में से कई कीमतों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और लंबे समय तक ऊंची ऊर्जा लागत वहन करने की सीमित क्षमता रखते हैं। इसके बावजूद, आर्थिक विकास, औद्योगीकरण और ऊर्जा सुरक्षा में LNG की महत्वपूर्ण भूमिका है।

ऐसे में खरीदार अब ऐसे आपूर्ति पोर्टफोलियो तलाश रहे हैं, जो आपूर्ति सुरक्षा, किफायती कीमत और स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखें। LNG निर्यातकों के लिए आपूर्ति की विश्वसनीयता और उत्सर्जन प्रदर्शन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण गंतव्य तक पहुंचने के बाद इसकी प्रतिस्पर्धी लागत बनाए रखना भी हो गया है।

कनाडा की बढ़ती गति और उसके सामने प्रतिस्पर्धा

LNG Canada के दूसरे चरण के विस्तार के लिए अंतिम निवेश निर्णय कनाडा की LNG निर्यात क्षमता बढ़ाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं, Ksi Lisims LNG अंतिम निवेश निर्णय की दिशा में आगे बढ़ रही है और अपनी व्यावसायिक संभावनाओं को मजबूत कर रही है। हालांकि, कनाडा को निवेश पूंजी हासिल करने और तेजी से बढ़ते, लेकिन कीमतों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील एशियाई LNG बाजार तक पहुंच बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

वैश्विक स्तर पर आपूर्ति के बढ़ते विकल्पों के बीच खरीदार दीर्घकालिक LNG खरीद के अवसरों का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। अकेले 2026 में अमेरिका में CP2 LNG, Commonwealth LNG और Delfin FLNG 1 परियोजनाओं को अंतिम निवेश निर्णय मिला। वहीं, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका की परियोजनाएं भी अंतिम मंजूरी की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

अगले तीन से पांच वर्षों में होने वाले अनुबंध और निवेश संबंधी निर्णय आने वाले दशकों के लिए एशिया के LNG आपूर्ति परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कनाडा को क्या करने की जरूरत है?

श्वेतपत्र में परियोजनाओं के जोखिम कम करने और आवश्यक पूंजी आकर्षित करने के लिए कनाडा की चार प्राथमिकताओं की पहचान की गई है।

  • लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार: श्रम की ऊंची लागत, बुनियादी ढांचे की बड़ी जरूरतें और कुशल श्रमिकों की सीमित उपलब्धता वैश्विक प्रतिस्पर्धी परियोजनाओं की तुलना में कनाडा की LNG परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं। परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता और एशियाई बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए इन संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान जरूरी होगा।
  • नियामकीय निश्चितता मजबूत करना: निवेशकों और LNG खरीदारों को अनुमति और मंजूरी की ऐसी प्रक्रियाओं की जरूरत है, जो पारदर्शी, पूर्वानुमेय और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हों। नियामकीय अनिश्चितता कम करना निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी तक पहुंचाने के लिए आवश्यक होगा।
  • नवोन्मेषी वित्तपोषण समाधान विकसित करना: कनाडा की LNG परियोजनाओं के अगले चरण के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत को देखते हुए वित्तपोषण के नए तरीकों की आवश्यकता हो सकती है। इनमें सरकार समर्थित व्यवस्थाएं, ऋण जोखिम कम करने वाले उपाय और सार्वजनिक-निजी भागीदारी शामिल हैं, जो संस्थागत और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित कर सकें।
  • सरकारों के बीच सहयोग बढ़ाना: दीर्घकालिक LNG संबंध केवल व्यावसायिक समझौतों से नहीं, बल्कि सरकारों के बीच रणनीतिक साझेदारी से भी बनते हैं। एशिया के प्रमुख LNG आयातक देशों के साथ ऊर्जा कूटनीति और आर्थिक सहयोग मजबूत करने से निवेश को बढ़ावा देने, दीर्घकालिक आपूर्ति अनुबंधों को आसान बनाने और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता के रूप में कनाडा की स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

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