नई दिल्ली: Mercom India की हाल ही में जारी शोध रिपोर्ट State of Solar PV Manufacturing in India 1H 2026 के अनुसार, 2026 की पहली छमाही (1H) में भारत में 50.6 गीगावाट (GW) सोलर मॉड्यूल और 9.7 GW सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ी गई। जून 2026 तक गुजरात सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में सबसे आगे रहा, जबकि बिहार और हिमाचल प्रदेश इस क्षेत्र में पीछे रहे।
रिपोर्ट जारी होने के समय, Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) List-I के तहत संचयी मॉड्यूल क्षमता 225.5 GW रही, जबकि ALMM List-II के तहत संचयी सेल क्षमता करीब 35.5 GW रही।
Mercom Capital Group के CEO राज प्रभु ने कहा, “घरेलू सेल की कमी भारत के सोलर बाजार के लिए निकट अवधि की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। मॉड्यूल क्षमता तेजी से बढ़ी है, लेकिन सेल की आपूर्ति उसी गति से नहीं बढ़ पाई है। इससे उपलब्धता सीमित हुई है और मानकों के अनुरूप मॉड्यूल की कीमतें बढ़ी हैं तथा परियोजनाओं की गतिविधियां काफी धीमी हुई हैं। सीमित घरेलू सेल उपलब्धता के कारण कई मॉड्यूल निर्माता उत्पादन बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थापित सेल क्षमता वास्तविक उपलब्धता को अधिक दर्शाती है, क्योंकि नई लाइनों को स्थिर वाणिज्यिक उत्पादन तक पहुंचने में कई महीने लगते हैं। ALMM List-II ने पर्याप्त क्षमता के व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होने से पहले घरेलू सेल आपूर्ति पर निर्भरता बढ़ाकर दबाव और बढ़ा दिया है।”

जून 2026 तक भारत में संचयी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 261.7 GW और सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 36.6 GW रही।
शीर्ष 10 निर्माताओं की हिस्सेदारी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में 60% रही।
जून 2026 तक ALMM में सूचीबद्ध मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में Tunnel Oxide Passivated Contact (TOPCon) की हिस्सेदारी सबसे अधिक 80% रही। इसके बाद मोनोक्रिस्टलाइन PERC/TOPCon की 11% और Mono PERC की 4% हिस्सेदारी रही। HJT की हिस्सेदारी 3% रही, जबकि थिन-फिल्म टेक्नोलॉजी की हिस्सेदारी ALMM में सूचीबद्ध कुल क्षमता में 2% रही। प्रभु ने कहा, “जब तक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध सेल की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो जाती, तब तक पूरा उद्योग दबाव में रहेगा, जिसमें निर्माताओं को उत्पादन संबंधी बाधाओं और डेवलपर्स को परियोजनाओं के कमीशनिंग में देरी का सामना करना पड़ेगा।”

गुजरात सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सबसे अनुकूल गंतव्य बना रहा और जून 2026 तक कुल क्षमता में इसकी हिस्सेदारी करीब 45% रही। राजस्थान और तमिलनाडु क्रमशः 26.1 GW और 23.4 GW की मॉड्यूल उत्पादन क्षमता के साथ इसके बाद रहे।
गुजरात के पास वार्षिक सोलर सेल उत्पादन क्षमता में भी सबसे बड़ी 37% हिस्सेदारी रही। तमिलनाडु और तेलंगाना अन्य प्रमुख राज्य रहे, जिनकी क्षमता क्रमशः 4.3 GW और 4.2 GW रही। 1H 2026 में भारत का सोलर सेल और मॉड्यूल आयात 1H 2025 की तुलना में 18% बढ़ा। कुल आयात में सेल की हिस्सेदारी 81% रही, जबकि मॉड्यूल की हिस्सेदारी 19% रही।
1H 2026 में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा सोलर निर्यात गंतव्य बना रहा और कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 92% रही।
रिपोर्ट की प्रमुख बातें:
- 1H 2026 में भारत ने 50.6 GW सोलर मॉड्यूल और 9.7 GW सोलर सेल क्षमता जोड़ी।
- मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग के लिए शीर्ष तीन राज्य गुजरात, राजस्थान और तमिलनाडु रहे।
- गुजरात, तमिलनाडु और तेलंगाना सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग के प्रमुख राज्य रहे।
- 1H 2026 में भारत का सोलर सेल और मॉड्यूल आयात 1H 2025 की तुलना में 18% बढ़ा।
- शीर्ष 10 निर्माताओं की हिस्सेदारी देश की मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में 60% रही।







