कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आज कोलकाता के न्यू टाउन स्थित बंगाल सिलिकॉन वैली टेक हब में 2,000 बेड वाले अडानी आरोग्य मंदिर की आधारशिला रखी। पश्चिम बंगाल के 2026 हेल्थकेयर विजन के अनुरूप इस परियोजना को अडानी फाउंडेशन द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। यह सालाना 2 लाख से अधिक इनपेशेंट और 20 लाख से अधिक आउटपेशेंट को सेवाएं प्रदान करेगा तथा करीब 10,000 रोजगार सृजित करेगा। पूर्वी भारत और उससे आगे के लिए विश्वस्तरीय अकादमिक मेडिकल सेंटर और व्यापक स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम के रूप में परिकल्पित इस परियोजना में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।
51.75 एकड़ में फैला अडानी आरोग्य मंदिर एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल होगा, जिसमें स्टेप-डाउन और ट्रांजिशनल केयर सुविधाएं भी होंगी। इस व्यापक इकोसिस्टम में मेडिटेल और विश्राम गृह भी होंगे, जहां अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के परिजनों के लिए ठहरने की सुविधा उपलब्ध होगी।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “श्री अडानी, हम बंगाल के पुनर्निर्माण के लिए आपकी मौजूदगी की उम्मीद करते हैं। अंतिम विजन सिर्फ एक अस्पताल परिसर नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह एकीकृत हेल्थकेयर सिटी होगी। भारत में कहीं भी इस उच्च स्तर का अस्पताल नहीं है। यह अस्पताल मेडिकल टूरिज्म को बड़ा बढ़ावा देगा। यह हमारे लिए ऐतिहासिक, सार्थक और शुभ दिन है। विकसित भारत 2047 तभी संभव है, जब बंगाल का विकास होगा।”

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा, “अडानी आरोग्य मंदिर एक विश्वस्तरीय, गैर-लाभकारी चिकित्सा संस्थान होगा, जिसमें 2,000 बेड होंगे। इनमें से 1,000 बेड समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं।”
गुजरात के मुंद्रा के उदाहरण का उल्लेख करते हुए, जो अडानी ग्रुप के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव बना, श्री अडानी ने पश्चिम बंगाल को पूर्व में समूह की कर्मभूमि बताया। उन्होंने राज्य में 2035 तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का रोडमैप भी घोषित किया। यह निवेश बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली उत्पादन, बिजली पारेषण और वितरण, सड़क एवं पुल, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा।
अडानी आरोग्य मंदिर परिसर में एक मेडिकल कॉलेज भी होगा, जिसमें हर वर्ष 150 अंडरग्रेजुएट, 100 से अधिक पोस्टग्रेजुएट और 40 से अधिक सुपर-स्पेशियलिस्ट विद्यार्थियों का प्रवेश होगा। इसमें कॉलेज ऑफ नर्सिंग और एलाइड हेल्थकेयर एवं पैरामेडिकल शिक्षा के लिए एक संस्थान भी होगा, जिससे डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी के लिए एक बहु-विषयक इकोसिस्टम तैयार होगा। व्यापक परिसर में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और उनके परिवारों के लिए आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। पहले चरण में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल का फोकस कैंसर केयर पर होगा और यह उन्नत तृतीयक एवं अत्यधिक विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।

अडानी आरोग्य मंदिर में जीनोमिक्स, प्रिसीजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल्स, मॉलिक्यूलर और अन्य एप्लाइड बायोमेडिकल साइंसेज को शामिल करते हुए एक रिसर्च इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। अस्पताल वैज्ञानिक खोजों को बेहतर निदान, उपचार और रोकथाम में बदलने पर जोर देगा।
यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर नए ज्ञान, तकनीकों, क्लिनिकल पाथवे और बौद्धिक संपदा का सह-निर्माण करेगा तथा वैश्विक वैज्ञानिक विशेषज्ञता और क्षमताओं को भारतीय रिसर्च वातावरण में लाएगा। यह शोध भारत की विशिष्ट स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर केंद्रित होगा और ऐसे वैज्ञानिक समाधान तैयार करेगा, जिनसे पूरी दुनिया को लाभ हो।
अडानी फाउंडेशन ने क्लिनिकल केयर, अकादमिक मेडिसिन, डिजिटल हेल्थ, गुणवत्ता, वर्कफोर्स डेवलपमेंट और इनोवेशन के क्षेत्र में वैश्विक विशेषज्ञता लाने के लिए अमेरिका की मेयो क्लिनिक ग्लोबल कंसल्टिंग और सिंगापुर की सिंगहेल्थ को जोड़ा है।
यह निवेश कोलकाता में एक प्रमुख हेल्थकेयर और अकादमिक संस्थान स्थापित करेगा तथा दूसरे चरण में विभिन्न स्पेशियलिटी और सुपर-स्पेशियलिटी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास के लिए मंच तैयार करेगा। एक व्यापक स्वास्थ्य सेवा गंतव्य के निर्माण के जरिए अडानी आरोग्य मंदिर कोलकाता क्षेत्र से बाहर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए होने वाले पलायन को कम करने में मदद करेगा।
राज्य में अडानी ग्रुप की औद्योगिक और स्वास्थ्य सेवा पहलों के साथ-साथ श्री अडानी ने प्रसिद्ध कुमारटुली घाट के पुनरोद्धार के लिए भी समर्थन की घोषणा की। समूह ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और अडानी पूजा प्रीव्यू के जरिए कोलकाता की दुर्गा पूजा की कला और भावना को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। यह पहल पूजा आयोजकों, कलाकारों, कारीगरों, सेवा प्रदाताओं और बंगाल के व्यापक इकोसिस्टम को समर्थन देगी।







