नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के 17, भारतीय तटरक्षक बल के 8 और मित्र देशों के 16 अधिकारियों समेत कुल 41 अधिकारियों ने MILIT में प्रतिष्ठित 10 सप्ताह का मरीन प्रोपल्शन कंट्रोल्स टेक्नोलॉजी कोर्स (MPCTC-78) सफलतापूर्वक पूरा किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नामीबिया, टोगो, तंजानिया, फिलीपींस और श्रीलंका के अधिकारी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के रूप में शामिल हुए।

यह कोर्स युवा अधिकारियों को कंट्रोल्स, एम्बेडेड सिस्टम्स, डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग (DSP), सेंसर एवं इंस्ट्रूमेंटेशन, माइक्रोकंट्रोलर्स तथा स्वायत्त प्रणालियों और प्लेटफॉर्म प्रबंधन से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों में दक्षता प्रदान करता है।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए MILIT के DC&CI ब्रिगेडियर सौरभ भार्गव ने स्वायत्त प्रणालियों के तेजी से हो रहे विकास को रेखांकित किया। उन्होंने प्रशिक्षण अवधि के दौरान पिछले तीन महीनों में दुनियाभर में देखने को मिले तकनीकी बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के क्षेत्र में तेजी से हो रहा परिवर्तन सैन्य अभियानों की प्रकृति को भी बदल रहा है।

उन्होंने हाल के समय में नौसेना में शामिल किए गए विभिन्न प्रकार के प्लेटफॉर्मों का भी उल्लेख किया और अधिकारियों से तकनीक के मूल सिद्धांतों में महारत हासिल करने, अपनी दक्षताओं को लगातार बढ़ाने तथा उभरती प्रौद्योगिकियों से अपडेट रहने का आह्वान किया।
तेजी से बदलते तकनीकी युद्धक्षेत्र में नवीनतम तकनीकों से अवगत रहना अब केवल एक अतिरिक्त लाभ नहीं, बल्कि परिचालन आवश्यकता बन गया है।







