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ऑयल ग्रीन एनर्जी का हरियाणा के साथ समझौता, स्थापित होंगे चार एकीकृत वेस्ट-टू-क्लीन-एनर्जी प्रोजेक्ट्स

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(Image courtesy: ONGC)

नई दिल्ली: महारत्न सीपीएसई ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड’ (OGEL) ने संबंधित क्लस्टरों में एकीकृत सीबीजी (CBG) और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं के विकास के लिए हरियाणा के चार नगर निगमों — गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार और अंबाला — के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इन MoUs पर हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायाब सिंह सैनी के साथ-साथ वरिष्ठ मंत्रियों, सांसदों और हरियाणा सरकार तथा OIL/OGEL के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

यह चार परियोजनाएं हिसार (500 TPD), अंबाला (900 TPD), फरीदाबाद (1,600 TPD) और गुरुग्राम (2,000 TPD) क्लस्टरों में प्रस्तावित हैं। ये संयंत्र मिलकर प्रतिदिन 5,000 टन नगरपालिका ठोस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित (प्रोसेस) करने की क्षमता रखेंगे। इनसे प्रतिदिन 70-75 TPD कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) और 50 मेगावाट (MW) हरित बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है।

इन परियोजनाओं में कचरे के एकीकृत प्रसंस्करण और संसाधन-पुनर्प्राप्ति (रिसोर्स-रिकवरी) का दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसके तहत कचरे से अधिकतम संसाधन प्राप्त करने के लिए नगरपालिका ठोस कचरे का वैज्ञानिक पूर्व-प्रसंस्करण और पृथक्करण किया जाएगा। पुनर्चक्रण योग्य (रिसाइकलेबल) सामग्री को अलग किया जाएगा, गीले और जैव-अपघटनीय (बायोडिग्रेडेबल) कचरे का उपयोग सीबीजी उत्पादन के लिए होगा, जबकि केवल गैर-पुनर्चक्रण योग्य सूखे कचरे का उपयोग वेस्ट-टू-एनर्जी सुविधाओं के माध्यम से बिजली उत्पन्न करने में किया जाएगा।

इस एकीकृत दृष्टिकोण का उद्देश्य संसाधनों की पुनर्प्राप्ति को अधिकतम करना, गैर-पुनर्चक्रण योग्य कचरे से ऊर्जा पुनर्प्राप्ति को अनुकूलित करना और लैंडफिल पर निर्भरता को कम करना है, साथ ही नगरपालिका कचरे के विभिन्न हिस्सों को सीबीजी और हरित बिजली के रूप में मूल्यवान स्वच्छ ऊर्जा में परिवर्तित करना है।

यह पहल वैज्ञानिक और टिकाऊ नगरपालिका कचरा प्रबंधन की दिशा में हरियाणा के प्रयासों को समर्थन देगी, साथ ही ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’, सर्कुलर इकोनॉमी और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के राष्ट्रीय उद्देश्यों में योगदान देगी। ये परियोजनाएं भारत सरकार की ‘गोबरधन – राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना 2026’ के भी अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना और जैविक कचरे को सीबीजी व अन्य स्वच्छ ऊर्जा रूपों में बदलने की प्रक्रिया को तेज करना है।

OIL के लिए, यह सहयोग OGEL के माध्यम से अपने कम-कार्बन ऊर्जा पोर्टफोलियो का विस्तार करने और बड़े पैमाने पर एकीकृत वेस्ट-टू-क्लीन-एनर्जी समाधानों को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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