नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ओला इलेक्ट्रिक ने अपने शाक्ति एनर्जी स्टोरेज पोर्टफोलियो के महत्वाकांक्षी विस्तार की घोषणा की। इसका उद्देश्य उपलब्ध होने पर ऊर्जा को संग्रहित करना और जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग करना है। यह घर में बिजली कटौती के दौरान बिजली उपलब्ध कराने से लेकर ग्रिड स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा के प्रबंधन तक के लिए है।
स्वदेशी LFP बैटरी तकनीक और कंपनी की वर्टिकली इंटीग्रेटेड सेल-टू-सिस्टम क्षमताओं पर आधारित ओला शाक्ति तीन बाजारों के लिए एकल आर्किटेक्चर तैयार करता है। इसमें शाक्ति Gen2 के साथ होम एनर्जी, शाक्ति Rack के साथ कमर्शियल और इंफ्रास्ट्रक्चर एनर्जी तथा महाशाक्ति के साथ इंडस्ट्रियल और यूटिलिटी-स्केल एनर्जी शामिल है।
ओला इलेक्ट्रिक के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक भाविश अग्रवाल ने कहा, “हमारी विश्वस्तरीय बैटरी और सेल तकनीक के उपयोग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से आगे भी दिखाई देंगे। ओला शाक्ति इस इनोवेशन को घर से लेकर ग्रिड तक हर स्तर पर विस्तार देता है और भारत को स्वच्छ ऊर्जा को समझदारी से संग्रहित करने और उपयोग करने में मदद करता है। यह हमारे लिए स्वाभाविक अगला कदम है, क्योंकि हम अपनी गीगाफैक्ट्री, स्वदेशी LFP सेल और देशभर में मौजूद नेटवर्क का उपयोग कर अतिरिक्त पूंजीगत लागत के बिना विश्वसनीय और किफायती एनर्जी स्टोरेज उपलब्ध कराना चाहते हैं।”

शाक्ति Gen2 रेजिडेंशियल सेगमेंट के लिए शुरुआती उत्पाद है, जिसमें बैटरी बैकअप, इंटेलिजेंट एनर्जी मैनेजमेंट और सोलर स्टोरेज को एक सिस्टम में जोड़ा गया है। 4.6 kWh मॉडल की शुरुआती कीमत ₹99,999 और 9.2 kWh मॉडल की कीमत ₹1,74,999 है। दोनों मॉडल ₹999 में रिजर्व किए जा सकते हैं और इनकी डिलीवरी नवंबर 2026 से शुरू होने वाली है।
व्यवसायों के लिए शाक्ति AC Rack और शाक्ति DC Rack इसी स्टोरेज आर्किटेक्चर को कमर्शियल उपयोग तक विस्तारित करते हैं। AC Rack बैटरी और इन्वर्टर को एक ही सिस्टम में एकीकृत करता है, जबकि DC Rack सीधे अनुकूल DC इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ता है। दोनों मॉड्यूलर हैं और मार्च 2027 से उपलब्ध होने वाले हैं।
पोर्टफोलियो के शीर्ष स्तर पर महाशाक्ति के जरिए ओला शाक्ति को इंडस्ट्रियल और ग्रिड-स्केल स्टोरेज तक ले जाता है। महाशाक्ति Rack बड़े कमर्शियल और इंडस्ट्रियल लोड को पूरा करता है, जबकि 6.26 MWh महाशाक्ति कंटेनर यूटिलिटी-स्केल परियोजनाओं के लिए तैयार किया गया है। यह आर्किटेक्चर एक कंटेनर से लेकर GWh-स्केल एनर्जी स्टोरेज प्लांट तक विस्तार योग्य है।
भारत में एनर्जी स्टोरेज के लिए महत्वपूर्ण अवसर मौजूद है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुमान और उद्योग के अनुमानों के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण, ग्रिड की विश्वसनीयता और 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य को समर्थन देने के लिए देश को 2030 के शुरुआती वर्षों तक सैकड़ों GWh की स्टोरेज क्षमता की आवश्यकता होगी। ओला इलेक्ट्रिक ने महाशाक्ति प्लेटफॉर्म के तहत 2032 तक संभावित रूप से 20 GWh तक के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की तैनाती के लिए Axis Energy के साथ पहले ही एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी के अनुसार, यह स्वदेशी बैटरी स्टोरेज तकनीक की घोषित घरेलू तैनातियों में से एक है।
ओला शाक्ति कंपनी की कृष्णागिरी गीगाफैक्ट्री, स्वदेशी LFP सेल तकनीक और मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का उपयोग करता है। सभी एनर्जी स्टोरेज उत्पादों में LFP का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी ने इस पोर्टफोलियो को सेल-टू-पैक वर्टिकली इंटीग्रेटेड ऑफरिंग के रूप में पेश किया है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा, सप्लाई-चेन सुरक्षा और कुल स्वामित्व लागत में लाभ प्रदान करना है।







