नई दिल्ली: Dalmia Cement (Bharat) Limited (DCBL), जो Dalmia Bharat Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, ने 21 मई 2026 को Jaiprakash Associates Limited (JAL) और Adani Infra (India) Limited के साथ बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत मध्य प्रदेश के रीवा तथा उत्तर प्रदेश के चुरक, चुनार और सदवा स्थित सीमेंट संयंत्रों का अधिग्रहण किया जाएगा। इन संयंत्रों की कुल सीमेंट क्षमता 5.2 MnTPA और क्लिंकर क्षमता 3.3 MnTPA है। इस सौदे का एंटरप्राइज वैल्यू 2,850 करोड़ रुपये रखा गया है।
इस परिसंपत्ति में 99 मेगावाट की थर्मल पावर क्षमता और रीवा व चुनार में रेलवे साइडिंग के साथ चुरक में एक कॉमन रेलवे साइडिंग भी शामिल है।
इस लेनदेन के पूरा होने के बाद Dalmia Bharat की कुल सीमेंट क्षमता बढ़कर 54.7 MnTPA हो जाएगी। इसके अलावा बेलगाम, पुणे और कडप्पा में चल रही विस्तार परियोजनाओं के पूरा होने पर वित्त वर्ष 2028 की दूसरी-तीसरी तिमाही तक कंपनी की कुल क्षमता 66.7 MnTPA तक पहुंच जाएगी। कंपनी के अनुसार, यह लेनदेन अगले दो सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है।
DCBL ने दिसंबर 2022 में JAL के साथ बिजनेस एसेट्स की बिक्री के लिए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट और अन्य संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। इन समझौतों का उद्देश्य ‘लॉन्ग-टर्म क्लिंकर सप्लाई एग्रीमेंट’ सहित सभी विवादों का समाधान करना था। हालांकि, प्रक्रिया पूरी होने से पहले JAL दिवालिया प्रक्रिया में चली गई और सौदा पूरा नहीं हो सका।
IBC के तहत Adani Group की रेजोल्यूशन योजना को मंजूरी मिलने के बाद DCBL ने पुराने समझौते पर विचार करने का अनुरोध किया ताकि लंबित विवादों का समाधान किया जा सके। इसके बाद सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए और सीमेंट कारोबार को संरक्षित रखने के उद्देश्य से DCBL ने JAL और Adani Infra (India) Ltd. के साथ नया बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट किया है।
कंपनी के अनुसार, यह अधिग्रहण उसे अखिल भारतीय स्तर की कंपनी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण बढ़त देगा और दीर्घकालिक क्षमता विस्तार लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा।
Puneet Dalmia, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, Dalmia Bharat Limited ने कहा, “मैं इन परिसंपत्तियों के हमारे पोर्टफोलियो में शामिल होने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। यह Dalmia के लिए रणनीतिक रूप से उपयुक्त सौदा है। इससे हमें अखिल भारतीय स्तर की कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ने और मध्य भारत के उच्च संभावनाओं वाले बाजारों में मजबूत शुरुआत करने में मदद मिलेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “इन परिसंपत्तियों के साथ पहले के टोलिंग एरेंजमेंट के तहत हमारा अनुभव हमें इन सुविधाओं की बेहतर समझ देता है और चैनल पार्टनर्स व विक्रेताओं के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने में मदद करता है। हमें विश्वास है कि इससे क्षमता विस्तार और बाजार में तेजी से प्रवेश करने में सहायता मिलेगी।”







