
पुणे: Suzlon Energy Limited ने अपनी लगातार विकास गति को बनाए रखते हुए Sunsure Energy से 195 मेगावाट का दोबारा ऑर्डर हासिल किया है। इसके साथ ही कंपनी के सफल 3 मेगावाट प्लेटफॉर्म की कुल बिक्री लगभग 9 गीगावाट तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि Suzlon 3X प्लेटफॉर्म की मजबूत और लगातार बढ़ती बाजार स्वीकृति को दर्शाती है।
यह ऑर्डर Suzlon और Sunsure Energy के बीच जारी साझेदारी को और मजबूत करता है। दोनों कंपनियों की कुल साझेदारी अब महाराष्ट्र और कर्नाटक में लगभग 300 मेगावाट तक पहुंच गई है और इसके आगे बढ़ने की उम्मीद है।
इस ऑर्डर के साथ कर्नाटक में Suzlon की ऑर्डरबुक 2 गीगावाट से अधिक हो गई है। कंपनी की कर्नाटक में मौजूदा स्थापित क्षमता 1,500 मेगावाट है, जो दक्षिण भारत में Suzlon की कुल स्थापित क्षमता का 24 प्रतिशत है।
परियोजना के तहत Suzlon 65 अत्याधुनिक S144 विंड टरबाइन जनरेटर (WTGs) स्थापित करेगी, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 3.0 मेगावाट होगी। कंपनी विंड टरबाइन की आपूर्ति के साथ परियोजना का निर्माण, स्थापना और कमीशनिंग करेगी। कमीशनिंग के बाद संचालन और रखरखाव सेवाएं भी Suzlon द्वारा प्रदान की जाएंगी। यह परियोजना कर्नाटक के बीजापुर जिले में स्थापित की जाएगी। इसके अलावा कंपनी राज्य में कुल 664 मेगावाट क्षमता वाली अन्य बड़े कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) परियोजनाओं पर भी काम कर रही है।
Girish Tanti, एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन, Suzlon Group ने कहा, “हाल ही में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में Narendra Modi ने जिस तरह नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर पवन ऊर्जा पर भारत के बढ़ते फोकस को रेखांकित किया, वह ऊर्जा सुरक्षित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हमारा 3 मेगावाट प्लेटफॉर्म इस दिशा में अहम योगदान दे रहा है और यह Suzlon की अब तक की सबसे सफल नवाचार परियोजना है। कर्नाटक अब 2 गीगावाट से अधिक ऑर्डर के साथ हमारा सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है।”
Shashank Sharma, सीईओ, Sunsure Energy ने कहा, “स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना की अगली पीढ़ी केवल सूरज या हवा पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि वह भारत की जरूरत के समय बिजली उपलब्ध कराने की क्षमता से परिभाषित होगी। Suzlon के साथ हमारी साझेदारी हमारे नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
Ajay Kapur, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, Suzlon Group ने कहा, “Sunsure Energy के साथ हमारी साझेदारी लगभग 300 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। यह दोबारा मिला ऑर्डर हमारी गुणवत्ता, निष्पादन क्षमता और लाइफसाइकिल सपोर्ट पर जताए गए भरोसे को दर्शाता है।”







