नई दिल्ली: भारत की अग्रणी पावर सेक्टर कंपनी Power Finance Corporation ने वित्त वर्ष 2025-26 के अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की है।
समेकित वित्तीय मुख्य बिंदु
- पीएफसी समूह ने वित्त वर्ष 2026 में 10% वृद्धि के साथ अब तक का सर्वाधिक वार्षिक कर पश्चात लाभ (PAT) दर्ज किया। यह वित्त वर्ष 2025 के 30,514 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 33,625 करोड़ रुपये हो गया।
- 12.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कुल बैलेंस शीट के साथ पीएफसी समूह भारत का सबसे बड़ा एनबीएफसी समूह बना हुआ है।
- समेकित नेटवर्थ (नॉन-कंट्रोलिंग इंटरेस्ट सहित) में 12% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 31 मार्च 2025 के 1,55,156 करोड़ रुपये से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 1,73,441 करोड़ रुपये हो गई।
- समेकित ग्रॉस एनपीए 1% से नीचे आकर वित्त वर्ष 2026 में 0.66% पर पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 1.64% था।
- सक्रिय समाधान प्रयासों के चलते समेकित नेट एनपीए घटकर वित्त वर्ष 2026 में 0.13% के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 0.38% था।
स्टैंडअलोन वित्तीय मुख्य बिंदु
- वित्त वर्ष 2026 में 20,051 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक PAT दर्ज किया गया, जो वित्त वर्ष 2025 के 17,352 करोड़ रुपये की तुलना में 16% अधिक है। इसके साथ ही पीएफसी भारत की सबसे अधिक लाभ कमाने वाली एनबीएफसी बनी हुई है।
- निदेशक मंडल ने 3.95 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026 के लिए कुल लाभांश 18.55 रुपये प्रति शेयर हो गया है।
- पीएफसी की नेटवर्थ 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करते हुए 31 मार्च 2026 तक 1,02,532 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो 31 मार्च 2025 की तुलना में 13% अधिक है।
- वित्त वर्ष 2026 में 1,65,414 करोड़ रुपये के मजबूत वितरण के साथ पीएफसी की ऋण पुस्तिका 31 मार्च 2026 तक 5,80,115 करोड़ रुपये रही।
- पीएफसी ने पूंजी पर्याप्तता का मजबूत स्तर बनाए रखा है। 31 मार्च 2026 तक सीआरएआर 23.44% रहा, जबकि टियर-1 पूंजी 21.93% रही, जो नियामकीय सीमा से काफी अधिक है।
- वित्त वर्ष 2026 में TRN Energy और Sinnar Thermal के सफल समाधान के बाद परिसंपत्ति गुणवत्ता और मजबूत हुई है। नेट एनपीए अनुपात वित्त वर्ष 2026 में घटकर 0.15% रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 0.39% था।
- ग्रॉस एनपीए में वित्त वर्ष 2025 की तुलना में 85 बेसिस पॉइंट की महत्वपूर्ण कमी आई और यह वित्त वर्ष 2026 में घटकर 1.09% पर पहुंच गया।
पीएफसी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कंपनी की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक Parminder Chopra ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 मजबूत प्रदर्शन, महत्वपूर्ण उपलब्धियों और चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों वाला वर्ष रहा।
उन्होंने कहा कि पीएफसी और REC Limited के प्रस्तावित विलय ने पावर सेक्टर के लिए एकीकृत और केंद्रित संस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर संचालन, बेहतर दक्षता और पूंजीगत तालमेल को बढ़ावा मिलेगा, जो कंपनी को सेक्टर नेतृत्व के अगले चरण के लिए मजबूत स्थिति में पहुंचाएगा।
उन्होंने कहा कि शेयरधारकों के साथ सफलता साझा करना कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा है, जिसका प्रतिबिंब 3.95 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश में दिखाई देता है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026 के लिए कुल लाभांश 18.55 रुपये प्रति शेयर हो गया है।
उन्होंने आगे कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये की मजबूत पूंजी आधार के साथ पीएफसी ऊर्जा परिवर्तन तथा नई और उभरती प्रौद्योगिकियों से परिभाषित पावर सेक्टर की बदलती जरूरतों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।







