नई दिल्ली: पिछले वर्ष मजबूत वृद्धि के बाद वैश्विक इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 2026 में फिर बढ़ने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की वार्षिक रिपोर्ट ‘ग्लोबल ईवी आउटलुक’ के नए संस्करण के अनुसार, 2026 में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 2.3 करोड़ तक पहुंच सकती है और दुनियाभर में बिकने वाली कुल कारों में इनकी हिस्सेदारी लगभग 30% हो जाएगी।
बुधवार को जारी इस रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बाजार एवं नीतिगत रुझानों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही बिजली, तेल और उत्सर्जन पर बढ़ते ईवी उपयोग के प्रभावों का भी अध्ययन किया गया है। मध्य पूर्व युद्ध से उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच रिपोर्ट में 2026 के शुरुआती महीनों के आंकड़े भी शामिल किए गए हैं और इस संकट का ईवी नीतियों तथा बाजार पर संभावित असर का आकलन किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में वैश्विक इलेक्ट्रिक कार बिक्री में 20% की वृद्धि दर्ज की गई और यह आंकड़ा 2 करोड़ के पार पहुंच गया। इसका मतलब है कि दुनिया में बिकने वाली हर चार नई कारों में से एक इलेक्ट्रिक थी। लगभग 40 देशों में नई बिकने वाली कारों में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 10% या उससे अधिक रही। उत्पादन के लिहाज से चीन की वाहन कंपनियों ने वैश्विक स्तर पर बिकने वाली 60% इलेक्ट्रिक कारों की आपूर्ति की, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका की कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 15-15% रही।
चीन और अमेरिका में नीतिगत बदलावों के बाद 2026 की पहली तिमाही में वैश्विक इलेक्ट्रिक कार बिक्री में 2025 की समान अवधि की तुलना में 8% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कई अन्य देशों और क्षेत्रों में बिक्री में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली। यूरोप में बिक्री करीब 30% बढ़ी, चीन को छोड़कर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 80% की छलांग लगी, जबकि लैटिन अमेरिका में यह 75% बढ़ी। मार्च महीने में दुनिया के करीब 90 देशों में साल-दर-साल बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई और इनमें से लगभग 30 देशों में मासिक बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रमुख बाजारों में ईवी अब लागत के लिहाज से प्रतिस्पर्धी बनते जा रहे हैं, जिससे मांग को और मजबूती मिल सकती है। खासकर ऐसे उपभोक्ताओं में जो ईंधन की अस्थिर कीमतों को लेकर चिंतित हैं। अनुमान है कि 2035 तक बिना किसी नई नीति घोषणा के भी दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या (दो और तीन पहिया वाहनों को छोड़कर) बढ़कर 51 करोड़ तक पहुंच सकती है, जो वर्तमान में लगभग 8 करोड़ है।
आईईए के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने कहा, “पिछले वर्ष करीब 100 देशों में इलेक्ट्रिक कार बिक्री ने नए रिकॉर्ड बनाए। ईवी की बढ़ती लोकप्रियता ने वैश्विक कार बाजार और ऊर्जा प्रणाली में बड़ा बदलाव लाया है और यह इतिहास के सबसे बड़े तेल आपूर्ति झटके के बीच कुछ राहत भी दे रही है।” उन्होंने कहा कि बैटरी कीमतों में गिरावट और मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट के जवाब में संभावित नीतिगत कदम ईवी बाजार को और गति देंगे।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसमें अधिकांश हिस्सेदारी चीन की है। 2025 में वैश्विक इलेक्ट्रिक ट्रक बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी से अधिक रही। पिछले साल दुनियाभर में बिकने वाले लगभग हर 10 ट्रकों में से एक इलेक्ट्रिक था। वहीं सड़क परिवहन के सबसे अधिक विद्युतीकृत खंड दो और तीन पहिया वाहनों की वृद्धि भी 2025 में जारी रही।
रिपोर्ट में दक्षिण-पूर्व एशिया को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सबसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में शामिल बताया गया है। इस क्षेत्र में पिछले वर्ष इलेक्ट्रिक कार बिक्री दोगुनी से अधिक हो गई और बाजार हिस्सेदारी लगभग 20% तक पहुंच गई। नवीनतम अनुमान के अनुसार, अनुकूल कीमतों और नीतिगत समर्थन के चलते 2035 तक यह हिस्सेदारी 60% तक पहुंच सकती है। क्षेत्र के सबसे बड़े ईवी बाजार वियतनाम समेत कई देशों ने मौजूदा ऊर्जा संकट के जवाब में ईवी टैक्स प्रोत्साहनों को बढ़ाने या विस्तार देने की योजना की घोषणा की है।
चीन अब भी ईवी निर्माण का सबसे बड़ा वैश्विक केंद्र बना हुआ है। पिछले वर्ष दुनिया में निर्मित लगभग 2.2 करोड़ इलेक्ट्रिक कारों में से करीब तीन-चौथाई चीन में बनीं। घरेलू मांग से अधिक उत्पादन होने के कारण चीन से इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात दोगुना होकर रिकॉर्ड 25 लाख से अधिक पहुंच गया। चीन, यूरोप और अमेरिका के बाहर दुनिया के बाकी हिस्सों में बिकने वाली 55% इलेक्ट्रिक कारें चीन से आयात की गईं, जबकि पांच साल पहले यह आंकड़ा 5% से भी कम था।
रिपोर्ट में ऑटोमोबाइल तकनीक, सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े रुझानों पर एक विशेष खंड भी शामिल किया गया है। इसके साथ दो ऑनलाइन टूल — ग्लोबल ईवी डेटा एक्सप्लोरर और ग्लोबल ईवी पॉलिसी एक्सप्लोरर — को भी अपडेट किया गया है, जिनकी मदद से उपयोगकर्ता दुनियाभर में ईवी आंकड़ों, अनुमानों और नीतिगत उपायों का अध्ययन कर सकते हैं।







