मुंबई/थिम्फू: भारत की प्रमुख एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक टाटा पावर और भूटान की एकमात्र बिजली उत्पादन कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन (DGPC) ने भूटान के थिम्फू में एक व्यापक कौशल विकास इकोसिस्टम स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
यह एमओयू एक संरचित प्रशिक्षण ढांचे की नींव रखता है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करना है, ताकि टाटा पावर और DGPC के बीच स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के संयुक्त विकास के तहत तत्काल और दीर्घकालिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में भूटान के प्रधानमंत्री ल्योंछेन शेरिंग टोबगे उपस्थित रहे। समझौते पर टाटा पावर के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक डॉ. प्रवीर सिन्हा और DGPC के प्रबंध निदेशक दाशो छेवांग रिनजिन ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर टाटा पावर की प्रेसिडेंट-जनरेशन अंजलि पांडे सहित टाटा पावर, DGPC और संबंधित संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (TPSDI) के माध्यम से संचालित किए जाएंगे, जो बिजली क्षेत्र में कौशल विकास की अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करेगा।
टाटा पावर के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा, “DGPC के साथ यह साझेदारी भूटान के तेजी से बढ़ते स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए भविष्य के अनुरूप प्रतिभा इकोसिस्टम तैयार करने की हमारी साझा सोच को दर्शाती है। बिजली क्षेत्र में प्रशिक्षण के मजबूत अनुभव के साथ TPSDI सुरक्षित संचालन, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा संचालन एवं रखरखाव में व्यापक विशेषज्ञता वाले उद्योग-तैयार पेशेवरों को विकसित करने में मदद करेगा।”
टाटा पावर, TPSDI के माध्यम से कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण अवसंरचना, पाठ्य सामग्री और मान्यता संबंधी सहयोग प्रदान करेगा। वहीं DGPC प्रशिक्षुओं की पहचान और तैनाती सुनिश्चित करेगा, ताकि एमओयू और आगामी समझौतों के तहत कार्यक्रमों का सुचारु संचालन हो सके।
DGPC भूटान सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से सभी आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करने के लिए भी जिम्मेदार होगा, जबकि टाटा पावर भारत सरकार से आवश्यक अनुमोदन हासिल करेगा।
DGPC के प्रबंध निदेशक दाशो छेवांग रिनजिन ने कहा, “यह एमओयू 5,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित करने की चल रही साझेदारी के तहत आवश्यक स्थानीय क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है। DGPC संबंधित भूटानी प्राधिकरणों और हितधारकों के साथ मिलकर प्रशिक्षण आवश्यकताओं की पहचान करेगा, उपयुक्त प्रशिक्षुओं को जोड़ेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय प्राथमिकताओं तथा भूटान सरकार के व्यापक कार्यबल विकास प्रयासों के अनुरूप हो।”
इस एमओयू के तहत प्रस्तावित कौशल विकास पहल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
पहले चरण में साइट पर प्रवेश से पहले कार्यबल की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाएगा, जिसमें परियोजना श्रमिकों के लिए अनिवार्य सुरक्षा इंडक्शन कार्यक्रम शामिल होंगे।
दूसरे चरण में निर्माण कार्य, सामग्री प्रबंधन और अर्थ-मूविंग उपकरण संचालन से जुड़े तकनीकी कौशल विकास को परियोजना निर्माण आवश्यकताओं के अनुसार विस्तारित किया जाएगा।
तीसरे चरण में स्वच्छ ऊर्जा परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव के लिए विशेष क्षमताओं का विकास किया जाएगा।
टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (TPSDI) की स्थापना बिजली क्षेत्र में कौशल अंतर को दूर करने के उद्देश्य से की गई थी। यह उद्योग-उन्मुख मॉड्यूलर प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम संचालित करता है। TPSDI को नेशनल सेफ्टी काउंसिल ऑफ इंडिया (NSC) से सुरक्षा प्रशिक्षण, मूल्यांकन और संयुक्त प्रमाणपत्र जारी करने की मान्यता प्राप्त है। साथ ही यह नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) का अनुमोदित प्रशिक्षण भागीदार और नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (NCVET) द्वारा मान्यता प्राप्त ड्यूल अवॉर्डिंग बॉडी भी है।
TPSDI भारत भर में अपने मजबूत प्रशिक्षण नेटवर्क के माध्यम से बिजली मूल्य श्रृंखला में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिसमें थर्मल, हाइडल और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियां जैसे सौर, पवन और ग्रीन हाइड्रोजन शामिल हैं।
यह एमओयू भूटान के स्वच्छ ऊर्जा विकास के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने की दिशा में एक सहयोगात्मक और व्यावहारिक पहल को दर्शाता है, जिसमें DGPC संबंधित भूटानी संस्थाओं के साथ समन्वय करेगा और टाटा पावर तकनीकी प्रशिक्षण सहयोग प्रदान करेगा।







