अहमदाबाद: पूर्णतः एकीकृत स्टेनलेस स्टील निर्माता कंपनी मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड (MWL) ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं।
कंपनी की कुल आय Q1 FY27 में ₹316.85 करोड़ रही, जो Q1 FY26 के ₹279.41 करोड़ की तुलना में 13.40% अधिक है। कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) Q1 FY26 के ₹10.13 करोड़ से 18.71% बढ़कर ₹12.02 करोड़ हो गया। समायोजित EBITDA Q1 FY27 में ₹29.72 करोड़ रहा, जो Q1 FY26 के ₹19.72 करोड़ की तुलना में 50.74% अधिक है।
तिमाही के दौरान MWL ने अपनी स्थापित विनिर्माण क्षमताओं को और मजबूत करने के साथ-साथ अपने उत्पादों की पेशकश को बेहतर बनाने तथा ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया। कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कंपनी को ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित प्रमुख अंतिम-उपयोग क्षेत्रों में अवसर दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें उच्च गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील उत्पादों की निरंतर मांग का समर्थन मिल रहा है। विविध उत्पाद पोर्टफोलियो के साथ MWL इन क्षेत्रों में ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की स्थिति में है।
प्रमुख समेकित वित्तीय उपलब्धियां:
- कर पश्चात लाभ (PAT): ₹12.02 करोड़, जो Q1 FY26 के ₹10.13 करोड़ की तुलना में 18.71% अधिक है।
- कुल आय: ₹316.85 करोड़, जो Q1 FY26 के ₹279.41 करोड़ की तुलना में 13.40% अधिक है।
- समायोजित EBITDA: ₹29.72 करोड़, जो Q1 FY26 के ₹19.72 करोड़ की तुलना में 50.74% अधिक है।
मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चंद्रगुप्त प्रकाश मंगल ने कहा, “Q1 FY27 में हमारा प्रदर्शन हमारी विकास रणनीति के क्रियान्वयन और भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने में हो रही निरंतर प्रगति को दर्शाता है। कंपनी ने हाल ही में 10.4 मेगावाट की ग्राउंड-माउंटेड सौर परियोजना चालू की है, जिससे हमारी मौजूदा 1.2 मेगावाट रूफटॉप सौर क्षमता के साथ कुल सौर क्षमता 11.6 मेगावाट हो गई है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा और सतत परिचालन पर हमारा ध्यान और मजबूत हुआ है। हम मूल्यवर्धित स्टेनलेस स्टील क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने तथा ऐसे अवसरों का लाभ उठाने पर केंद्रित हैं, जो हमारी बाजार पहुंच बढ़ाने और हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत करने में सहायक हों।”







