नई दिल्ली: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने गुरुवार को ओडिशा तट के पास एक ग्लाइड हथियार का सफल परीक्षण किया।
DRDO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा, “टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑगमेंटेशन (TARA) हथियार का पहला उड़ान परीक्षण 7 मई 2026 को ओडिशा तट के पास सफलतापूर्वक किया गया।”
DRDO ने आगे बताया कि “TARA एक मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट है और यह बिना गाइडेड वारहेड्स को सटीक निशाना साधने वाले गाइडेड हथियारों में बदलने वाली भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड वेपन प्रणाली है।”
ग्लाइड हथियार एक ऐसा बम या हथियार होता है, जो विमान से छोड़े जाने के बाद हवा में लंबी दूरी तक यात्रा कर सकता है। इसमें पंख या कंट्रोल सिस्टम लगे होते हैं, जो इसे सीधे नीचे गिरने के बजाय लक्ष्य की ओर आसानी से ग्लाइड करने में मदद करते हैं। ऐसे हथियारों को दूर से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे विमान दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली से अधिक सुरक्षित रहते हैं।
Maiden flight-trial of Tactical Advanced Range Augmentation (TARA) weapon was successfully conducted off the coast of Odisha on May 07, 2026.
TARA, the modular range extension kit, is India’s first indigenous glide weapon system to convert unguided warheads into precision guided… pic.twitter.com/Ofx8mrGGgY
— DRDO (@DRDO_India) May 8, 2026







