New Delhi: गैलेंट इस्पात ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे वित्त वर्ष 2026 के वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश में रीबार्स (सरिया) के सबसे बड़े उत्पादक के रूप में कंपनी अपनी प्रमुख बाजार हिस्सेदारी बनाए हुए है। कंपनी ने नरम स्टील कीमतों के बावजूद अपने एकीकृत विनिर्माण मॉडल और बैकवर्ड इंटीग्रेशन निवेशों के लाभ के दम पर मजबूत लाभप्रदता दर्ज की।
Q4 FY26 के प्रमुख वित्तीय आंकड़े
- Q4 FY26 में परिचालन से आय ₹1204.8 करोड़ रही, जो Q4 FY25 के ₹1072.1 करोड़ की तुलना में 12.4% अधिक है। वहीं Q3 FY26 के ₹1073.6 करोड़ के मुकाबले इसमें 12.2% की तिमाही वृद्धि दर्ज हुई।
- Q4 FY26 में EBITDA ₹208.9 करोड़ रहा, जबकि Q4 FY25 में यह ₹194.7 करोड़ था। EBITDA मार्जिन 17.3% रहा।
- EBITDA प्रति टन मामूली घटकर ₹8882 रहा, जो Q4 FY25 में ₹9066.1 था। हालांकि Q3 FY26 की तुलना में इसमें 13.3% की तिमाही वृद्धि दर्ज हुई।
- Q4 FY26 में कर पश्चात लाभ (PAT) ₹122.8 करोड़ रहा, जबकि Q4 FY25 में यह ₹116.3 करोड़ था। PAT मार्जिन 10.2% रहा।
FY26 के प्रमुख वित्तीय आंकड़े
- FY26 में परिचालन से कुल आय ₹4418.9 करोड़ रही, जबकि FY25 में यह ₹4292.7 करोड़ थी। वर्षभर कमजोर स्टील कीमतों के बावजूद 2.9% की वॉल्यूम ग्रोथ ने प्रदर्शन को सहारा दिया।
- FY26 में EBITDA ₹776.0 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 17.6% दर्ज किया गया, जो चुनौतीपूर्ण मूल्य परिस्थितियों में भी मजबूत मार्जिन प्रबंधन को दर्शाता है।
- EBITDA प्रति टन FY26 में बढ़कर ₹8784.7 हो गया, जो FY25 में ₹8308.2 था। यह वृद्धि कच्चे माल की लागत दक्षता, इंटीग्रेशन लाभ और बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज के कारण हुई।
- FY26 में PAT ₹484.3 करोड़ रहा, जो FY25 की तुलना में 20.8% अधिक है। PAT मार्जिन 11.0% रहा।
कंपनी ने बताया कि वह वर्तमान में नेट कैश और शून्य टर्म-डेट वाली कंपनी बनी हुई है। क्षमता विस्तार, खदान विकास और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं सहित ₹3000 करोड़ के कैपेक्स कार्यक्रम को आंतरिक नकदी प्रवाह के माध्यम से वित्तपोषित किया जा रहा है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर बाहरी पूंजी जुटाने की भी लचीलापन मौजूद है।









