नई दिल्ली: जल एवं अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों (WWTPs) और जल आपूर्ति योजना परियोजनाओं (WSSPs) के डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव में विशेषज्ञता रखने वाली अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अलेखापरीक्षित समेकित वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY27) के लिए:
- परिचालन से राजस्व ₹3,592 मिलियन रहा, जो Q1 FY27 की तुलना में 49.09% की सालाना वृद्धि है। यह वृद्धि ऑर्डर बुक के निरंतर क्रियान्वयन से प्रेरित रही।
- तिमाही के लिए EBITDA ₹757 मिलियन रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 21.07% रहा।
- तिमाही के लिए PAT ₹452 मिलियन रहा, जबकि PAT मार्जिन 12.38% रहा।
- ऑर्डर बुक ₹67,208 मिलियन रही, जिससे FY27 के लिए मजबूत राजस्व दृश्यता मिलती है।
प्रमुख कारोबारी विकास एवं विविधीकरण
- नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) द्वारा ₹2,569 मिलियन की कुल राशि की दो HAM परियोजनाएं प्रदान की गईं। इनमें लोहता में 60 MLD STP के लिए ₹1,301 मिलियन और वाराणसी के पं. दीन दयाल उपाध्याय नगर में 45 MLD STP के लिए ₹1,268 मिलियन शामिल हैं। इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण स्वामित्व वाली SPVs के माध्यम से किया जाएगा।
- गुजरात में जल अवसंरचना विकास के लिए सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड से ₹1,135 मिलियन की EPC और संचालन एवं रखरखाव (O&M) परियोजना हासिल की गई।
- कंपनी ने अपनी स्टेप-डाउन सहायक कंपनी सुयोग ऊर्जा लिमिटेड के माध्यम से अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को मजबूत किया। सुयोग ऊर्जा लिमिटेड ने CGE 30 Hybrid Energy Private Limited से एक हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिए भूमि एकत्रीकरण और बैलेंस ऑफ प्लांट (BoP) कार्य हेतु ₹2,075 मिलियन का अनुबंध हासिल किया है, जिसे 30 जून, 2027 तक पूरा किया जाना है।
ऑर्डर बुक ₹67,208 मिलियन से अधिक रही, जिसमें ₹26,962 मिलियन से अधिक की जल एवं अपशिष्ट जल उपचार निष्पादन ऑर्डर बुक, ₹29,080 मिलियन से अधिक की नवीकरणीय ऊर्जा ऑर्डर बुक और ₹11,166 मिलियन से अधिक की O&M ऑर्डर बुक शामिल है।
एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स लिमिटेड के चेयरमैन संजय जैन ने कहा, “Q1 FY27 जल और अपशिष्ट जल अवसंरचना क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरणीय अवसंरचना में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर हमारे निरंतर फोकस को दर्शाता है।
तिमाही के दौरान हमने अपने मुख्य जल अवसंरचना कारोबार में निरंतर क्रियान्वयन बनाए रखा और साथ ही सौर, पवन तथा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) में अपने नवीकरणीय ऊर्जा प्लेटफॉर्म को और मजबूत किया। जल अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज में हमारी विविधीकृत ऑर्डर बुक मजबूत राजस्व दृश्यता प्रदान करना जारी रखती है और हमारी दीर्घकालिक विकास रणनीति को समर्थन देती है।
तिमाही के दौरान एक प्रमुख उपलब्धि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत वाराणसी में ₹2,569 मिलियन की दो हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) परियोजनाओं का मिलना रहा। इससे हमारे HAM परियोजना पोर्टफोलियो का और विस्तार हुआ है तथा भारत के अपशिष्ट जल अवसंरचना क्षेत्र में हमारी स्थिति मजबूत हुई है। ये विकास हमारे मुख्य कारोबार और नवीकरणीय ऊर्जा प्लेटफॉर्म, दोनों में हमारी क्रियान्वयन क्षमताओं को मजबूत करते हैं।
भारत में जल सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और टिकाऊ अवसंरचना में बढ़ते निवेश के साथ, एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स दीर्घकालिक विकास के अवसरों का लाभ उठाने और अपने सभी हितधारकों के लिए टिकाऊ मूल्य सृजन करने की बेहतर स्थिति में है।”







