नई दिल्ली: अमेरिका की सेक्शन 301 जांच और भारत पर 12.5% टैरिफ लगाए जाने की प्रस्तावित योजना के बीच भारत ने जबरन श्रम (फोर्स्ड लेबर) से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को जारी अधिसूचना में कहा, “विदेश व्यापार (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1992 की धारा 3 एवं धारा 5 तथा समय-समय पर संशोधित विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 के पैरा 1.02 और 2.01 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार विदेश व्यापार नीति, 2023 में नया पैरा 2.20B जोड़ती है। यह प्रावधान राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद प्रभावी होगा।”
मंत्रालय ने कहा, “जबरन श्रम का उपयोग करके, पूर्णतः या आंशिक रूप से, उत्पादित या निर्मित वस्तुओं का आयात प्रतिबंधित होगा। केंद्र सरकार समय-समय पर अधिसूचना के माध्यम से उन वस्तुओं को निर्दिष्ट कर सकती है, जिनके आयात पर इस पैरा के तहत प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके लिए वह जांच के निष्कर्षों या अन्य उपयुक्त सामग्री को आधार बना सकती है। ऐसी वस्तुओं के उत्पादन में जबरन श्रम के उपयोग की जांच महानिदेशक विदेश व्यापार (डीजीएफटी) द्वारा की जाएगी, जिसकी प्रक्रिया हैंडबुक ऑफ प्रोसीजर्स, 2023 में निर्धारित होगी।”
केंद्र सरकार ने अधिसूचना में “जबरन श्रम” की परिभाषा भी दी है। इसके अनुसार, “जबरन श्रम” से आशय ऐसे सभी कार्य या सेवाओं से है, जो किसी व्यक्ति से किसी दंड के भय के तहत कराई जाएं और जिन्हें करने के लिए उसने स्वेच्छा से सहमति न दी हो। यह परिभाषा अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के फोर्स्ड लेबर कन्वेंशन, 1930 (संख्या 29) के अनुरूप है।
अधिसूचना के अनुसार, विदेश व्यापार नीति, 2023 में पैरा 2.20B जोड़ा गया है, जिससे केंद्र सरकार को अधिसूचना के माध्यम से जबरन श्रम का उपयोग करके पूर्णतः या आंशिक रूप से उत्पादित या निर्मित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही, आईएलओ फोर्स्ड लेबर कन्वेंशन, 1930 (संख्या 29) के अनुरूप “जबरन श्रम” की परिभाषा देने के लिए पैरा 11.64 भी जोड़ा गया है, जिससे जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करने संबंधी विदेश व्यापार नीति के ढांचे को और मजबूत किया गया है। अधिसूचना के प्रावधान राजपत्र में इसके प्रकाशन की तिथि से 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद प्रभावी होंगे।







