Greater Noida: अनंतिम अनुमानों के आधार पर थोक मूल्य मुद्रास्फीति (WPI) दिसंबर 2025 में माह-दर-माह (एम-ओ-एम) आधार पर मामूली बढ़कर 0.71% हो गई, जो नवंबर 2025 में 0.52% थी, जबकि यह 1% के स्तर से नीचे ही बनी रही। यह जानकारी पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष श्री राजीव जुनेजा ने बुधवार को यहां जारी एक प्रेस बयान में दी।
उन्होंने बताया कि WPI में यह मामूली वृद्धि मुख्य रूप से माह-दर-माह आधार पर ईंधन एवं ऊर्जा तथा विनिर्मित उत्पाद समूहों में उच्च मुद्रास्फीति के कारण दर्ज की गई।
ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी (वजन: 13.15%) में मुद्रास्फीति नवंबर 2025 के 0.90% से बढ़कर दिसंबर 2025 में 1.23% हो गई, जो इस दौरान बिजली (4.46%), कोयला (0.66%) और खनिज तेलों (0.07%) की कीमतों में वृद्धि को दर्शाती है, जुनेजा ने बताया।
विनिर्मित उत्पाद समूह (वजन: 64.23%) में भी तेजी देखी गई, जहां माह-दर-माह आधार पर नवंबर 2025 में (-) 0.21% की अपस्फीति से दिसंबर 2025 में 0.41% की मुद्रास्फीति दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि बुनियादी धातुओं, रसायनों एवं रासायनिक उत्पादों, गैर-धात्विक खनिज उत्पादों, वस्त्रों, सीमेंट, चूना और प्लास्टर के निर्माण में कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई।
पीएचडीसीसीआई के सीईओ एवं महासचिव डॉ. रंजीत मेहता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की नरम कीमतों, जीएसटी दरों के युक्तिकरण और रबी फसलों के स्वस्थ उत्पादन के समर्थन से WPI मुद्रास्फीति के एक सीमित दायरे में बने रहने की उम्मीद है।







